ब्लॉगसेतु

विनय प्रजापति
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आबिद रिज़्वी अबरत | Abid Rizvi Abaratवो लड़की याद आती है [x3]वो जो ख्वाबोंं मेंं बसती थी मेरे दिल में उतरती थी वो जो मेरी हंसी मेंं अपनी मुस्कुराहट घोल देती थी जो मैंं दिल मेंं रखता था ज़ुबाँ से बोल देती थी वो जो मुझको हंसाती थी की उसको अ‍च्छा लगता था मेरा दिल खोल के...
विनय प्रजापति
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फ़रहत शहज़ाद | Farhat Shahzadशाम की फ़िक्र में सहर से गयाफिर न लौटा कोई जो घर से गया जिसने देखा भी आसमान की तरफ़आज बस वो ही बाल-ओ-पर से गयाग़म में तल्ख़ी, न आग ज़ख़्मों मेंज़ायक़ा शे'र के हुनर से गया कट ही जाता है दिन भी शब की तरहजब से इक ख़ाब चश्म-ए-तर से गयामालगजी धुँध, रास...
विनय प्रजापति
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फ़रहत शहज़ाद | Farhat Shahzad हर साँस में हरचंद महकता हुआ तू है धड़कन का बदन हिज्र के काँटों से लहू हैदिल, गिरती हुई बर्फ़ में, ढलता हुआ सूरज जिस सिम्त भी उठती है नज़र, आलम-ए-हू हैशायद के अभी आस कोई क़त्ल हुई हैरक़्साँ मेरे सीने में किसी ख़ूँ की बू है हर टीस के माथे पे...
Atul Kannaujvi
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फकत मेरे ​सिवा तुमको किसी पर प्यार ना आए,मेरे गीतों में तेरे बिन कोई अशआर ना आए,मिलन होता रहे तब तक कि जब तक चांद तारे हैंमोहब्बत के कलैंडर में कभी इतवार ना आए।।तुम्हारे साथ जो गुजरे वो लम्हे हम नहीं भूले,मिलन की वो घडी और फिर विरह के गम नहीं भूले,ये बरसों बाद जाना...
 पोस्ट लेवल : kavi sammelan atul kushwah poet shayari shivpuri
Faiyaz Ahmad
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कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगेजाने कैसे लोग वो होंगे जो उस को भाते होंगे.---------------------------------------------------Kis liye Itni Sza Dete hai woKabi Krte H Yad to Kabi Bhula Dete h woAjeeb hai unke PYAR Ka Silsila yaron,Kbi Khushi or Kbhi Apni Y...
 पोस्ट लेवल : Yaad shayari
Faiyaz Ahmad
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चाहो तो छोड़ दो.. चाहो तो निभा लो.. मोहब्बत तो हमारी है.. पर मर्जी सिर्फ तुम्हारी है..!!!-------------------------यूँ तो कोई सबूत नहीं है कि तुम मेरे हो, ये दिल का रिश्ता तो यकीन से चलता है !!-------------खूबसूरत आँखें तेरी, रात को जागना छोड़ दे, खुद बा खुद नींद...
 पोस्ट लेवल : Yaad shayari
Faiyaz Ahmad
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Tum bin zindagi sooni si lagti hai, har pal adhuri si lagti hai.In saanson ko apnisaanson se jod de, na jane kyon teri kami si lagti hai.
 पोस्ट लेवल : Yaad shayari
Faiyaz Ahmad
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Chand k bina andheri rat reh jati hai!yad ek haseen mulakat reh jati hai!sach hai zindgi kabhi rukti nhi!Bas waqt nikal jata hai! or "YAAD" reh jati h.
 पोस्ट लेवल : Yaad shayari
Atul Kannaujvi
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- अतुलजहां खींची गई हरसू फकत मौजों कि रेखा है, सियासत के नवासों ने कभी क्या दर्द देखा है. अजाबों-इज्तिराबों की नदी जिस ओर बहती है, वहां रहते हैं दिलखुश लोग, जीने का सलीका है।। ------------------------------------------ बजे जिस ओर मोबाइल तो तेरी याद आती है.. मि...
 पोस्ट लेवल : atul ki shayari