ब्लॉगसेतु

जन्मेजय तिवारी
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साभार-hazrat-ji-md-shakeel-bin-hanifएक गधा जिद कर बैठाजीवन में कुछ करना है,जो भी हो, उपाय करोउसको टॉपर ही बनना है ।                                    मैंने उसको लाख मनाया&nbs...
जन्मेजय तिवारी
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                       घर में खूब तैयारी की गई थी । दरवाजे पर रंगोली बनी थी । बाहरी रेखा पर शुद्धिकरण का प्रयास कुछ इस तरह से किया गया था कि स्वच्छता भी खुल कर दिखाई दे और स्वागतम् के उभरे अक्षर हार्द...
 पोस्ट लेवल : बाबू teer-a-nazar भ्रष्टाचार
जन्मेजय तिवारी
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        Homeनीरो बंसी बजा रहा हैआधी छोड़ सारी को धावे चुनावी पीड़ा और ऑपरेशन राजतिलकसादा बनाम रंगीन पानी और सरकारी वरदहस्तएक डिग्री का सवाल है बाबाअंधेरा कहाँ है आखिरचल खुसरो घर आपनाबनियो, पर छोटा चोर न बनियोस्वप्न-राग की पावन बेलासूखे खेत और झम...
जन्मेजय तिवारी
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                 साधो, कंस की नगरी जल रही है । कंस के किसी वंशज के अत्याचार से, पुलिस की शुतुरमुर्गी व्यवहार से । यह जल रही है प्रशासन की अमिट लापरवाही से, राजसत्ता की अहंकारी अकर्मण्यता से । जब कंस का शासन था, तब भ...
जन्मेजय तिवारी
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        Homeआधी छोड़ सारी को धावे चुनावी पीड़ा और ऑपरेशन राजतिलकसादा बनाम रंगीन पानी और सरकारी वरदहस्तएक डिग्री का सवाल है बाबाअंधेरा कहाँ है आखिरचल खुसरो घर आपनाबनियो, पर छोटा चोर न बनियोस्वप्न-राग की पावन बेलासूखे खेत और झमाझम बरसते विज्ञापनसू...
जन्मेजय तिवारी
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                 दोपहर हो आई थी, अतः काम बंद हो गया था । भीषण गर्मी में दो-तीन घंटे का ब्रेक स्वाभाविक ही था । उसके बाद देर शाम तक काम । आठ घंटे पूरे जो करने होते थे । काम लेने वाला इतना दयालु नहीं होता कि आधे काम क...
जन्मेजय तिवारी
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                राजमाता लोमड़ी इस वक्त अपने सिंहासन से चिपक कर बैठी हुई हैं । दोनों हाथ उसे कसकर पकड़े हुए हैं । हालांकि सिंहासन के छिन जाने का कोई डर नहीं है । जो भी हैं दल में, वे सब दास हैं मन, वचन और कर्म से । उनकी व...
जन्मेजय तिवारी
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              इधर का इलाका एकदम चकाचक है । किसी और इलाके में सूखे का कोप भले ही बरस रहा हो, इधर तो होप-ही-होप है । प्रकृति तनिक रूठती है, तो नेतागण इतने घड़ियाली आँसू गिराते हैं कि भरपाई हो जाती है ।...
जन्मेजय तिवारी
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                    स्टेशन से बाहर निकलते ही मेरी नजर किसी इच्छित गंतव्य की ओर जा रहे विमान की तरह उस घने पेड़ पर लैंड कर गई थी । नीचे वह रोज की तरह दिखाई दिया था । वह हमेशा बैठा हुआ दिखाई देता था, किन्तु आज खड...
जन्मेजय तिवारी
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                               आज उसका मन काम में नहीं लग रहा था । तीन बार पानी पीने के बहाने तथा सात बार लघु शंका की टीस के उद्दाम वेग को इशारों में बताकर खेत से बाहर जा चुका...