ब्लॉगसेतु

Khushdeep Sehgal
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दो जुड़वा भाई शहर के बाहर एक नदी के किनारे खड़े थे... एक का नाम था ‘सच’ और दूसरे का ‘झूठ’...फोटो आभार- फेसबुक पेज TruthandLiesComedy झूठ ने सच को नदी में तैरने का चैलेंज दिया...साथ ही कहा कि वो सच से पहले तैर कर नदी के दूसरे किनारे को छू कर वापस आ जाएगा... फिर झूठ...
 पोस्ट लेवल : झूठ सच Lie Truth
Sanjay  Grover
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ग़ज़लये तो हारा हुआ घराना हैइस ज़माने को क्या हराना हैये तो बचपन से मैंने देखा हैये ज़माना भी क्या ज़माना हैवक़्त से दोस्ती करो कैसेवक़्त का क्या कोई ठिकाना हैसच का हुलिया ज़रा बयान करोसच को सच से मुझे मिलाना हैसचके बारे में झूठ क्या बोलूंसच भी झूठों के काम आना हैसचसे ब...
Sanjay  Grover
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....तो मैंने कहा था मुझे पैदा करो.....आखि़र एक दिन तंग आकर मैंने पापाजी से कह ही दिया...उस वक़्त मुझे भी लगा कि मैंने कोई बहुत ही ख़राब बात कह दी है....कोई बहुत ही ग़लत बात....लेकिन यह तो मुझे ही मालूम है कि वो रोज़ाना मुझसे किस तरह की बातें कहते थे, कैसे ताने देते थ...
Sanjay  Grover
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ग़ज़ल created by Sanjay Groverसच में या अफ़साने मेंमंटो पागलखाने मेंमंटो, तेरे और मेरेहै क्या फ़र्क़ ज़माने मेंसच लोगों को भाता हैंसिर्फ़ रहे जब गाने मेंझूठ को मैंने खोया हैअपने सच को पाने मेंहर पगले का नाम लिखासच के दाने-दाने में-संजय ग्रोवर02-10-2018
Sanjay  Grover
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Photo By Sanjay Groverग़ज़लआओ सच बोलेंदुनिया को खोलेंझूठा हंसने सेबेहतर है रो लेंपांच बरस ये, वोइक जैसा बोलेंअपना ही चेहराक्यों ना ख़ुद धो लेंराजा की तारीफ़जो पन्ना खोलें !क्या कबीर मंटो-किस मुह से बोलें !सबको उठना है-सब राजा हो लें ?वे जो थे वो थेहम भी हम हो लें बैन...
Sanjay  Grover
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ग़ज़लजब खुल गई पहेली, तो है समझना आसांसच बोलना है मुश्क़िल, लेकिन है गाना आसां पहले तो झूठ बोलो, ख़ुद रास्ता बनाओफिर दूसरों को सच का रस्ता बताना आसांवैसे तो बेईमानी .. में हम हैं पूरे डूबेमाइक हो गर मुख़ातिब, बातें बनाना आसांजो तुम तलक है पहुंचा, उन तक भी पहुंच...
Sanjay  Grover
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ग़ज़लcreation : Sanjay Groverसच जब अपनेआप से बातें करता हैझूठा जहां कहीं भी हो वो डरता हैदीवारो में कान तो रक्खे दासों केमालिक़ क्यों सच सुनके तिल-तिल मरता हैझूठे को सच बात सताती है दिन-रैनयूं वो हर इक बात का करता-धरता हैसच तो अपने दम पर भी जम जाता हैझूठा हरदम भीड़ इक...
Sanjay  Grover
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ग़ज़लया तो बेईमानी-भरी दुनिया से मैं कट जाऊंया कि ईमान के चक्कर में ख़ुद निपट जाऊंतुम तो चाहते हो सभी माफ़िया में शामिल होंतुम तो चाहोगे मैं अपनी बात से पलट जाऊं न मैं सौदा हूं ना दलाल न ऊपरवालालोग क्यों चाहते हैं उनसे मैं भी पट जाऊं मेरे अकेलेपन को मौक़ा मत समझ...
Yash Rawat
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गांधी जी कहा है ''सत्‍य से भिन्‍न कोई परेश्‍वर है, ऐसा मैंने कभी अनुभव नहीं किया''कस्‍तूरबा बाई के साथ गांधीजी गांधी जी की आत्‍मकथा - सत्‍य के प्रयोग अथवा आत्‍मकथा को पढ़ने के बाद मैं खास प्रभावि हुआ हूं मुझे लगता है कि इसे हमारे स्‍कूलों के पाठ्य क्रम में शामिल कि...
Sanjay  Grover
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ग़ज़लPHOTO by Sanjay Groverसच को ना औज़ार चाहिएकुछ पागल तैयार चाहिएसच क्यों जाए मंदिर-मस्ज़िदसच को सच्चे यार चाहिएसच क्यों करे भरोसा सबका !सच तुमको बीमार चाहिए ! (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); (adsbygoogle = window.adsbygoogle ||...