ब्लॉगसेतु

समीर लाल
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बचपन में वह बदमाश बच्चा था. जब बड़ा हुआ तो गुंडा हो गया. और बड़ा हुआ तो बाहुबली बना. फिर जैसा कि होता है, वह विधायक बना और फिर मंत्री भी. नाम था भगवान दास.रुतबे और कारनामों की धमक ऐसी कि पुलिस भी काँप उठे. कम ही होते हैं जो इस कहावत को धता बता दें कि पुलिस से बड़ा कौन...
समीर लाल
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कल कलेक्टर साहब शाम को ही बोतल खोल कर बैठ गये. कहने लगे कि आज जल्दी सोना है. सुबह ५ बजे से अंबेडकर मैदान में योगा डे की ड्यूटी लगी है. वैसे भी जल्दी सोना और जल्दी जागना स्वास्थय के लिए बहुत लाभदायक है. ये खासियत है हमारे देश की. अगर बिजली चली जाये तो हम अँधेरे के फ...
समीर लाल
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जूते पर १८ प्रतिशत जीएसटी..मगर जूते अगर ५०० रुपये से कम के हैं तो ५ प्रतिशत जीएसटी..इसका क्या अर्थ निकाला जाये?५०० से कम का जूता पैरों में पहनने के लिए हैं इसलिए कम टैक्स और महँगा जूता शिरोधार्य...इसलिए अधिक टैक्स? एक देश एक टैक्स के जुमले की बरसात में एक वस्त...
समीर लाल
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पहली ही मुलाकात में वे बड़े गर्व के साथ बता रहे हैं कि खेल ही उनका जीवन है और किरकिट में उनकी जान बसती है. रणजी से लेकर आई पी एल और वर्ल्ड चैम्पियनशीप सब खेलते हैं. उनकी नजर में कोई भी मैच छोटा बड़ा नहीं होता. वो २०-२०, डे नाईट, ५० ओवर, वन डे, ५ डे टेस्ट किरकिट को बस...
समीर लाल
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टॆलीफोन विषय पर यह निबंध क्लास ५ के राजू की उत्तर पुस्तिका से उड़ाया है.टॆलीफोन मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं. एक आई फोन, दूसरा सेमसंग और तीसरा अन्य.इसे ऐसे समझे जैसे भारत में तीन प्रकार के लोग होते हैं- एक नेता, दूसरे उनसे गाढ़े संबंध रखने वाले व्यापारी और बाकी के...
समीर लाल
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मृत्यु को एक वरदान मिला है. मृत्यु को कभी बदनामी नहीं मिलती. जब कभी किसी की मृत्यु होती है उसका दोष सदा ही कभी बुढ़ापे, कभी बीमारी, कभी दुर्घटना को जाता है. यहाँ तक की जब कोई कारण नहीं मिलता तब भी यही कहा जाता है कि अच्छे खासे थे, न जाने क्या हुआ और गुजर गये.. &nbsp...
समीर लाल
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यह घनघोर आत्म मुग्धता का युग है. जिसे देखो, जहाँ देखो सेल्फी खींच रहा है और उसे फारवर्ड करके पहले से बंटा बंटाया ज्ञान ऐसे बांट रहा है मानो अगर वो अपनी सेल्फी ताजमहल के सामने खड़े होकर न लेता और फारवर्ड करके न बताता तो विश्व जान ही नहीं पाता कि ताजमहल विश्व के सात आ...
समीर लाल
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सुबह जब मैं उनके घर के सामने से निकला तो भैय्या जी दण्ड बैठक लगा रहे थे..११०, १११ उनके बाजू में खड़ा उनका चेला दण्ड की गिनती गिन रहा था. सामने दालान में ही एक चूल्हे पर मावा मिला दूध औंटाया जा रहा था. आजकल रोज सुबह हजार दण्ड लगाने के बाद भैय्या जी की सरसों के तेल से...
समीर लाल
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परिवर्तन संसार का नियम है. जो कल था वो आज नहीं है और जो आज है, वो कल नहीं रहेगा. नित बदलाव ही जीवन है. जो भी इस बदलाव की आँधी से कदमताल नहीं मिला पायेगा वो बहुत पीछे छूट जायेगा और कालांतर में भूला दिया जायेगा.इसे ऐसे समझिये जैसे कि नवम्बर और दिसम्बर माह में आपने खु...
समीर लाल
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यह उस भक्तिकाल की बात है जब भक्त का अर्थ होता था प्रभु की सेवा में रत. भगवान की पूजा अर्चना करके भक्त अपनी भक्ति भाव को प्रदर्शित करते थे.वक्त को सबसे बलवान माना गया है, वो कितना कुछ बदल देता है. बन्दर को मनुष्य बना कर दिखा देता है.यह अलग बाद है कि एक जमात इतनी सदि...