ब्लॉगसेतु

Bharat Tiwari
28
टीआरपी के बिसातियोंन प्राइम टाइम में हंगामा मचा और न कोई कवर स्टोरी सामने आयी अनब्याही माता होने की पीढ़ीगत परम्परा के अनगिनत महीन और भद्दी वजहों को तलाशता कोई नौकरशाह नहीं मिला, कोई समाजसेवी भी नहीं और कोई पत्रकारनुमा सोशल एक्टिविस्ट भी नहीं दिखा। तब ऐसी खबरें...
Bharat Tiwari
28
#पत्र_शब्दांकन: मृदुला गर्ग नया ज्ञानोदय, सितम्बर २०१९ कथा-कहानी विशेषांक आदि परकहते हैं फंतासी को चारों पैरों पर खड़ा होना चाहिए वरना न फंतासी रहती है, न सच...कहानी 'नरम घास, चिड़िया और नींद में मछलियां')  मैने 'नया ज्ञानोदय' में ही पढ़ ली थी। बहुत ही शानदा...
Bharat Tiwari
28
‘आइटी सेल’ मानसिकता का विषाणु उदारवाद, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की पक्षधरता का दावा करनेवाले के मस्तिष्क को भी संक्रमित कर रहा है — प्रकाश के रेसम्पादकीयरवीश कुमार के सम्मान से चिढ़ क्यों!— प्रकाश के रेपिछले महीने जब रवीश कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत...
Bharat Tiwari
28
निदा फ़ाज़ली के शायरी से इतर— अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वालेगर्मी है. बच्चों की छुट्टी है. आज सूरज को दिल्ली को ४० डिग्री के ऊपर तपाते हुए चौथा दिन है. बच्चों के साथ कमरे में मैं और सिम्बा गर्मी से वातानुकूलित माहौल में आराम से बैठे हैं. आरुषि ने फिनिय...
Bharat Tiwari
28
Mahatma Gandhi talking to a delegation of Rashtriya Sevak Sangh RSS; 1944; Pyarelal Nayar - 1944 | Photo credit: www.alamy.comभारत-पाक और महादेश की मजहबी कड़वाहट के बीच गांधी — नलिन चौहानअगस्त 1947 में मजहब के आधार पर खंडित राष्ट्र का परिणाम भारत और पाकिस...
Bharat Tiwari
28
"मेरी दाढ़ी और मेरा मुल्क" के बहाने, विश्व स्तर पर भारत की पहचान और डॉ सच्चिदानंद जोशीमुझे याद आ गया 1984 का साल। उन दिनों भी मैं दाढ़ी रखा करता था। ये वो काल था जब इश्क़ में मार खाये आशिकों में और नौकरी की तलाश में घूम रहे बेरोजगारों में दाढ़ी रखने का फैशन आम था। अपन...
Bharat Tiwari
28
सवारी-सवारी-सवारी !!! पुल बंगश — चद्दरवाला — भोलू शाह | नलिन चौहान संग दिल्लीनलिन चौहान का दिल्ली पर लिखा हर वाक्य मेरा प्रिय होता जा रहा है. उन्हें पढ़ते हुए यह लगातार महसूस होता रहता है कि नयी से लेकर ट्रांस यमुना से एनसीआर से लुटियन, पुरानी  वगैरह वगैर...
Bharat Tiwari
28
प्रदूषण की समस्या और समाधानदिल्ली, जानलेवा प्रदूषण | अंजान भविष्य के लिए वर्तमान बड़ी भारी कीमत चुका रहा हैभीड़ आबादी कम किए बगैर नहीं बचेगी दिल्ली— पंकज चतुर्वेदीवायु प्रदूषण करीब 25 फीसदी फेंफड़े के कैंसर की वजह है। इस खतरे पर काबू पा लेने से हर साल करीब 10 लाख लोगो...
Bharat Tiwari
28
कहानी की समीक्षा कैसे करें | तंत्र और आलोचना — रोहिणी अग्रवाल‘तेरह नंबर वाली फायर ब्रिगेड‘रोहिणी अग्रवालमहर्षि दयानंद विश्वविद्यालय,रोहतक, हरियाणामेल: rohini1959@gmail.comमो० : 9416053847कौतूहल और पठनीयता - ये दो ऐसी विशिष्टताएं है जो कथा साहित्य की रीढ़ हैं, लेकिन...
Bharat Tiwari
28
गो टू हेल का मतलब क्या होता है हिंदी में और  चर्चित मीडियाकर्मी कलाप्रेमी प्रकाश के रे का बाल की खाल उधाड़ना...दुनियाभर की धार्मिक व्यवस्थाओं और पौराणिक संस्कृति में अलग-अलग तरह के नरक का वर्णन है. हिंदू धर्म में भी है, पर उसके बारे में कुछ भी कहना आजकल ख़तरनाक...