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राकेश श्रीवास्तव

 पंजाब, भारत   पुरुष

भटकता हुआ राही हूँ.कविता/कहानी लेखन मुझे आत्मिक शांति एवं आनंद देती है.सभी की भावनाओं एवं चाहत को मैं सिद्दत से आत्मसात कर अपने शब्दों के स्वपनिल संसार से कुछ शब्द लेकर मैं उन्हें पिरोने की एक मासूम कोशिश करता हूँ .जैसा देखाता हूँ वैसा ही सोचता हूँ और जस का तस लिख कर आपके सामने प्रस्तुत करता हूँ .