ब्लॉगसेतु

अनु गुप्ता

 उत्तर प्रदेश, भारत   महिला

लिखना अच्छा लगता है, बचपन से ही। लेकिन लय हमेशा टूटती रही है। जीवनभर लिखना चाहती हूं। पहले प्रोत्साहन की कमी थी। शादी के बाद हर दिन, हर वक्त मेरे जीवनसाथी ने प्रोत्साहित किया है... जीवन भर लिखते रहने के लिए।