ब्लॉगसेतु

kuldeep thakur
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सादर अभिवादन। प्रश्न को उत्तर से निकलते देखा है, कहाँ रहती आयी ग़रीबी की रेखा है,अवसर की तलाश में बैठे मत रहना, मत कहना कारवाँ गुज़र गया मैंने नहीं देखा है!  -रवीन्द्र  आइए आपको अब आज की पसंदीदा रचनाओं की ओर ले चलें-क्या छोडूं और क्या बा...
 पोस्ट लेवल : 1463
Yashoda Agrawal
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कही तुमने बार-बार वो बातेंजिनका मेरे लिएन कोई अर्थ हैना ही अस्तित्वजो मैं पढ़ना चाहूँतुम्हारी आँखों की अनदेखी लिपियाँकहो, कौन सी कूट काइस्‍तेमाल करूं !ढूंढ रही हूँ कोई ऐसा स्रोतऐसी किताबजो नयनों की भाषा कोशब्‍दों में बदलती होहै ये ईसा पूर्व की, यासोल...
 पोस्ट लेवल : रश्‍मि शर्मा
Vidyut Maurya
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दिल्ली में बीआरटी कारीडोर को लेकर खूब हो हल्ला हुआ था एक मार्ग पर लागू हुई पर वह सफल नहीं हो सकी। पर अहमदाबाद में ये खूब सफल है। महाराष्ट्र के पुणे शहर में भी बीआरटी सफल है।  बीआरटी मतलब बस रैपिड ट्रांसपोर्ट।अहमदाबाद शहर में मनपा द्वारा बीआरटीएस को संचालित&nbs...
 पोस्ट लेवल : TRAVEL Gujrat
Ajay Singh
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॥ शिव मानस पूजा ॥ रत्नैः कल्पितमासनं हिम-जलैः स्नानं च दिव्याम्बरं नाना-रत्न-विभूषितं मृगमदामोदाङ्कितं चन्दनं । जाती-चम्पक-बिल्व-पत्र-रचितं पुष्पं च धूपं तथा, दीपं देव दयानिधे पशुपते हृत-कल्पितं गृह्यताम् ॥ १ ॥ सौवर्णे नव-रत्न-खंड-रचिते पात्रे घृतं पायसं, भक्ष्यं...
 पोस्ट लेवल : कवच-स्तोत्र
Ajay Singh
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॥ श्रीशिवापराधक्षमापणस्तोत्रम् अथवा शिवापराधभञ्जनस्तोत्रम् ॥ आदौ कर्मप्रसङ्गात् कलयति कलुषं मातृकुक्षौ स्थितं मां विण्मूत्रामेध्यमध्ये क्वथयति नितरां जाठरो जातवेदाः । यद्यद्वै तत्र दुःखं व्यथयति नितरां शक्यते केन वक्तुं क्षन्तव्यो मेऽपराधः शिव शिव शिव भो श्रीमहादेव...
 पोस्ट लेवल : कवच-स्तोत्र
Ajay Singh
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॥ शिव पंचाक्षर स्तोत्र ॥ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय । नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै ‘न’ काराय नमः शिवाय ॥ १ ॥ मन्दाकिनि-सलिलचन्दन-चर्चिताय नन्दीश्वर-प्रमथनाथ- महेश्वराय । मन्दारपुष्प-बहुपुष्प-सुपूजिताय तस्मै ‘म’ कारा...
 पोस्ट लेवल : कवच-स्तोत्र
जेन्नी  शबनम
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जीवन-युद्ध   *******   यादों के गलियारे से गुज़रते हुए   मुमकिन है यादों को धकेलते हुए   पार तो आ गई जीवन के   पर राहों में पड़ी छोटी-छोटी यादें   मायूसी-से मेरी राह तकती दिखीं   कि ज़रा थम कर याद क...
Saransh Sagar
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सारांश सागर द्वारा प्रकाशित किया गया अनुभव को सारांश में बताकर स्वयं प्रेरित होकर सबको प्रेरित करना चाहता हूँ !             
 पोस्ट लेवल : Viral Post
Kajal Kumar
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 पोस्ट लेवल : दलबदल बिक्री defection sale
Bharat Tiwari
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भगोड़े स्वर्ग में छिपे हुए हैंऔर हम उन्हें नर्क में खोजरहे हैं...स्वप्निल श्रीवास्तव, कविता में आज...कविताओं में भाषा के रोल से अधिक शब्दों का  रोल होता है. आपने वह क़व्वाली सुनी होगी:  "नज़र ऊँची की तो दुआ बन गई  नज़र नीची की तो हया बन गई&nbsp...