ब्लॉगसेतु

rashmi prabha
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दिल कर रहा है,मन की तमाम विपरीत स्थितियों से,खुद को अपरिचित कर लूँ,बैठ जाऊँ किसी नदी के किनारेऔर पूछूं,मछली मछली कितना पानी ।नदी में पैर डालकर छप छप करूँ,कागज़ की नाव में रखकर कुछ सपनेनदी में डाल दूँ,देखती रहूँ उसकी चालतबतक,जबतक वह चलने का मनोबल रखे !डूबना तो सबको ह...
Vidyut Maurya
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लैंसडाउन चौक से चली सिटी बस पैवेलियन ग्रांउड, कर्जन रोड, राजापुर रोड होते हुए देहरादून के  कैंटोनमेंट इलाके से गुजरने लगी। इस क्षेत्र में उत्तरखंड सरकार के कई मंत्रियों के निवास हैं। आगे साफ सुथरा कैंट का इलाका आ गया। इस इलाके में ही उत्तराखंड सरकार का स्टेट ग...
 पोस्ट लेवल : UTTRAKHAND WATER
अमितेश कुमार
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'हत्या एक आकार की' ललित सहगल द्वारा लिखित नाटक है जो अब मुश्किल से उपलब्ध है। एम. के. रैना ने इस नाटक को निर्देशित कर इसे पुनर्जीवित किया है। एम. के. रैना निर्देशित प्रस्तुति को देखने का मौका इलाहाबाद में मिला। नाटक गांधी जी के सिद्धांतों और कार्यकलाप की बुनि...
Ajay Singh
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शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 05 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः पाँचवाँ अध्याय मायावी यति द्वारा अपने धर्म का उपदेश, त्रिपुरवासियों का उसे स्वीकार करना, वेदधर्म के नष्ट हो जाने से त्रिपुर में अधर्माचरण की प्रवृत्ति...
 पोस्ट लेवल : शिवपुराण
Saransh Sagar
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सारांश सागर द्वारा प्रकाशित किया गया अनुभव को सारांश में बताकर स्वयं प्रेरित होकर सबको प्रेरित करना चाहता हूँ !             
डा. सुशील कुमार जोशी
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किसलिये डरता है उसके आईना दिखाने से चेहरा छुपा के रखता है वो अपना जमाने से कुछ पूछते ही पूछ लेना उस से उसी समय तहजीब कहाँ गयी तेरी पूछने चला है हुकमरानो से ना देखना घर में लगी आग को बुझाना भी नहीं दिखाना आशियाँ उसका जलता हुआ चूकना नहीं...
Ajay Singh
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शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 04 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः चौथा अध्याय त्रिपुरवासी दैत्यों को मोहित करने के लिये भगवान् विष्णु द्वारा एक मुनिरूप पुरुष की उत्पत्ति, उसकी सहायता के लिये नारदजी का त्रिपुर में गमन,...
 पोस्ट लेवल : शिवपुराण
Ajay Singh
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शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 03 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः तीसरा अध्याय त्रिपुर के विनाश के लिये देवताओं का विष्णु से निवेदन करना, विष्ण द्वारा त्रिपुर-विनाश के लिये यज्ञकुण्ड से भूतसमुदाय को प्रकट करना, त्रिपु...
 पोस्ट लेवल : शिवपुराण
Ajay Singh
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शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 01 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः पहला अध्याय तारकासुर के पुत्र तारकाक्ष, विद्युन्माली एवं कमलाक्ष की तपस्या से प्रसन्न ब्रह्मा द्वारा उन्हें वर की प्राप्ति, तीनों पुरों की शोभा का वर्ण...
 पोस्ट लेवल : शिवपुराण
Saransh Sagar
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पुराने समय की बात है। एक राज्य में एक राजा था। किसी कारण से वह अन्य गाँव में जाना चाहता था। एक दिन वह धनुष-बाण सहित पैदल ही चल पड़ा। चलते-चलते राजा थक गया। अत: वह बीच रास्ते में ही एक विशाल पेड़ के नीचे बैठ गया। राजा अपने धनुष-बाण बगल में रखकर, चद्दर ओढ़कर सो गया।...