ब्लॉगसेतु

kuldeep thakur
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जय मां हाटेशवरी......अभिवादन आप सभी का....आज की चर्चा का आरंभ.....कवि धुमिल जी की इस कविता के साथ......जब मै अपनें ही जैसे किसी आदमी से बात करता हूँ,साक्षर है पर समझदार नहीं है । समझ है लेकिनसाहस नहीं है । वह अपने खिलाफ चलाने वालीसाजिश का विरोध खुल कर नही कर पाता ।...
Yashoda Agrawal
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मैं कब से प्रश्न बन कर भटकता हूंमुझे कोई यक्ष नहीं मिलताजो मुझे थाम ले,सहेज लेपूछने के वास्तेकिसी युधिष्ठिर सेमैं यूं ही निरर्थक सा भटकता हूंयह जानता हूं कि जब तक पूछा न जाए तब तक किसी भी प्रश्न का अस्तित्वकोई मायने नहीं रखताऔर फिर अगरमुझे कोई यक्ष म...
 पोस्ट लेवल : पंकज सुबीर
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--दुर्गम पथरीला पथ है, जिसमें कोई सोपान नहीं।मैदानों से पर्वत पर, चढ़ना होता आसान नहीं।।--रहते हैं आराध्य देव, उत्तुंग शैल के शिखरों में,कैसे दर्शन करूँ आपके, शक्ति नहीं है पैरों में,चरणामृत मिल जाए मुझे, ऐसा मेरा शुभदान नहीं।मैदानों से पर्वत पर, चढ़ना होता आसान नह...
 पोस्ट लेवल : कोई सोपान नहीं गीत
अनीता सैनी
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स्नेहिल अभिवादन।रविवासरीय प्रस्तुति में आपका हार्दिक स्वागत है।--शब्द-सृजन-29 के लिए विषय  दिया गया था-'प्रश्न'           जिज्ञासा जीवन का आधार है।  साथ ही मानव की मूल प्रवृत्ति  भी पृथ्वी पर नान...
Vidyut Maurya
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पटनी टॉप के पार्कों की सैर के बाद अब हमारी अगली मंजिल है नत्था टॉप। मुझसे पहले पटनी टॉप घूमने आए हमारे साथी प्रमोद तिवारी ने सलाह दी थी कि आप नत्था टॉप और सनासर लेक जरूर जाइएगा। तो हमलोग अब नत्था टॉप की ओर चल पड़े हैं। नत्था टॉप की दूरी पटनी टॉप से कोई 12 किलोमीटर...
 पोस्ट लेवल : J&K
kumarendra singh sengar
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आज विश्व जनसंख्या दिवस है. समझ नहीं आ रहा कि इस दिवस पर बधाई, शुभकामना दी जाएँ या फिर जिस तेजी से हम बढ़ते जा रहे हैं, उसके लिए दुःख प्रकट करें? सोचियेगा, क्या किया जाये? .#हिन्दी_ब्लॉगिंग
रवीन्द्र  सिंह  यादव
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रटारटाया उत्तरसुन-सुनकरमन भर गया हैवह इतना कायर हैकि प्रश्न से डर गया हैखोखले आदर्शों की नींवइतनी उथलीकि मंसूबों की इमारतभरभराकरढह गई हैकोई भोंड़ा-सा उत्तरसर्वथा अनापेक्षित हैक्योंकि प्रश्नतीखे तो होते हैं कदाचित अनंत संभावनाओं केजनक हैंसमाधान हैंकारक हैंकिरदार...
 पोस्ट लेवल : कविता प्रश्न
sanjiv verma salil
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लघुकथामोहनभोग*'क्षमा करना प्रभु! आज भोग नहीं लगा सका.' साथ में बाँके बिहारी के दर्शन कर रहे सज्जन ने प्रणाम करते हुए कहा.'अरे! आपने तो मेरे साथ ही मिष्ठान्न भण्डार से नैवेद्य हेतु पेड़े लिए था, कहाँ गए?' मैंने उन्हें प्रसाद देते हुए पूछा.पेड़े लेकर मंदिर आ रहा था कि...
 पोस्ट लेवल : मोहनभोग लघुकथा
sanjiv verma salil
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दोहा सलिला:मेघ की बात*उमड़-घुमड़ अा-जा रहे, मेघ न कर बरसात।हाथ जोड़ सब माँगते, पानी की सौगात।।*मेघ पूछते गगन से, कहाँ नदी-तालाब।वन-पर्वत दिखते नहीं, बरसूँ कहाँ जनाब।।*भूमि भवन से पट गई, नाले रहे न शेष।करूँ कहाँ बरसात मैं, कब्जे हुए अशेष।।*लगा दिए टाइल अगिन, भू है त...
 पोस्ट लेवल : दोहा सलिला मेघ बरसात
sanjiv verma salil
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नवगीत :समारोह है*समारोह हैसभागार में।*ख़ास-ख़ास आसंदी पर हैं,खासुलखास मंच पर बैठे।आयोजक-संचालक गर्वित-ज्यों कौओं में बगुले ऐंठे।करतल ध्वनि,चित्रों-खबरों मेंरूचि सबकी हैनिज प्रचार में।*कुशल-निपुण अभियंता आए,छाती ताने, शीश उठाए।गुणवत्ता बिन कार्य हो रहे,इन्हें न मतलब,...
 पोस्ट लेवल : नवगीत समारोह है