ब्लॉगसेतु

Navin Joshi
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 पोस्ट लेवल : Politics Uttarakhand Politics
Vikram Pratap Singh Sachan
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मिर्ची गैंग के सरगना पर क़त्ल और डकैती के 36 मुक़दमे है। फिर भी वो जेल में नहीं है। पिछले 6 महीने में नोयड़ा से कई कारों की ल...
Arshia Ali Ali
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हमारा लालची होना लोभी होना हमारी यह सोच आज मेरे पास इतना है कल इतना और हो जाएगा हमारी हवा पानी और मिट्टी पर हो भारी नहीं पड़ी  है जलवायु -आपात काल को भी हवा दे गई  है। सम्बन्ध है हमारे लोभ का भी जलवायु परिवर्तन से जबकि किसी भी अध्ययन से यह खुलासा नहीं हुआ...
Rohit Mewada
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Agar aapka Blog hai or aap uski Post ko Publish karne se pehle Proof Reading nahi karte, to 100% me keh sakta hu aapki Post me bhut si galtiya rehti hogi.. jiske ware me ya to aapke visitor comment karke batate hoge ya aapko kabhi pata hi nahi chalti hogi ki wo ga...
 पोस्ट लेवल : Blogging
sivind singh
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good night image for lover ,good night love image ,good night shayari hindi ,  good night ki photo , good night whatsapp  imageअपनी सूरत का कभी तो दीदार दे तड़प रहा हूँ कभी तो अपना प्यार दे apni surat ka kabhi to didar de tadap raha hu kabhi...
 पोस्ट लेवल : GOOD NIGHT IMAGES
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--नहीं भूलना चाहिए, वीरों का बलिदान।सीमाओं पर देश की, देते जान जवान।।--उनकी शौर्य कहानियाँ, गाते धरती-व्योम।आजादी के यजन में, किया जिन्होंने होम।।--आज हमारे देश में, सबसे दुखी किसान।फाँसी खा कर मर रहे, धरती के भगवान।।--अमर शहीदों का जहाँ, होता हो अपमान।सिर्फ कागजों...
kuldeep thakur
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सोमवारीय विशेषांक मेंआप सभी का स्नेहिलअभिवादन------चित्र आधारित सृजनजीवन कीसूखी लकड़ी की नोंक में सोयी नन्हीं-सी आशा,जब अंधेरी परिस्तिथियों कीख़ुरदरी ज़मीं से रगड़ाती हैं, पलभर जीने की चाह में संघर्षरत, दामिनी-सी चमककरउजालों की दुनिया सेसाक्षात्कार...
 पोस्ट लेवल : 1655
Yashoda Agrawal
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कभी कभी सोचती  हूँ किरिश्ते दूरी से नहीं, दिलों से नापे जाते हैं ।क्योंकि अक्सर एक दरवाजे सेदूसरे दरवाजे तक का सफ़रतय करने में बरसों गुजर जाते हैं !!लेखिका परिचय- पल्लवी गोयल 
 पोस्ट लेवल : पल्लवी गोयल
अमितेश कुमार
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मानवेंद्र त्रिपाठी राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के स्नातक हैं और इन दिनों मुंबई में रहकर सिनेमा, टेलीविजन और रंगकर्म में सक्रिय हैं. प्रवीण कुमार गुंजन निर्देशित 'समझौता' में अपने अभिनय से मानवेन्द्र ने रंग जगत में अपनी धाक जमाई थी. वरिष्ठ साहित्यकार हृषिकेश...
अनीता सैनी
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सादर अभिवादन।          यह कैसी हवा चली है कि सुकून बेचैनियों में बदल गया है! दिलों में दूसरों के लिये स्थान सिकुड़ रहा है और मेलजोल के जज़्बात खाक़ में मिल रहे हैं। उम्मीदों के चमन में ज़हरीले फूल पनप गये हैं। अजीब...