ब्लॉगसेतु

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--घूमते शब्द कानन में उन्मुक्त से,जान पाये नहीं प्रीत का व्याकरण।बस दिशाहीन सी चल रही लेखिनीकण्टकाकीर्ण पथ नापते हैं चरण।।--ताल बनती नहीं, राग कैसे सजे,बेसुरे हो गये साज-संगीत हैं।ढाई-आखर बिना है अधूरी ग़ज़ल,प्यार के बिन अधूरे प्रणयगीत हैंनेह के स्रोत सूखे हुए हैं...
 पोस्ट लेवल : गीत प्रीत का व्याकरण
अनीता सैनी
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सादर अभिवादन ।शुक्रवार की प्रस्तुति में आप सभी विद्वजनों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन ।आज की प्रस्तुति का शुभारंभ  धर्मवीर भारती जी की लेखनी से निसृत"क्योंकि सपना है अभी भी' के कवितांश से - क्योंकि सपना है अभी भीइसलिए तलवार टूटी अश्व घायलकोहरे डूबी...
Dinesh Dhakar
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गुरु के ऊपर अनमोल वचन Hindi Quotes on Teacher/Guru रचनात्मक अभिव्यक्ति और ज्ञान में आनंद जगाना ही गुरु की सर्वोच्च कला है। अल्बर्ट आइंस्टीन अगर किसी देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है और खूबसूरत दिलो वाले लोगो का देश बनाना है, तो मुझे दृढ़ता से यकीन है...
kumarendra singh sengar
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आज ओपीएस भाईसाहब किसी को नहीं रोक रहे होंगे ज़िन्दाबाद कहने पर... आज से लगभग तीन दशक पहले ऐसी स्थिति नहीं थी. तब ओपीएस भाईसाहब हम लोगों को रोकते थे अपने नाम की ज़िन्दाबाद बोलने पर. साइंस कॉलेज, ग्वालियर हॉस्टल का अपना स्वर्णिम इतिहास रहा है, उतना ही जगमगाता हुआ वर्त...
Amit Kumar
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Spread the love       गुरु पूर्णिमा को आषाढ़ पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन गुरु की सेवा और पूजा की जाती है। ऐसा कहा और माना जाता है कि गुरु बिन ज्ञान नहीं प्राप्त होता है। अतः जीवन के हर पड़ाव में गुरु का रहना बेहद जरूरी है। गुरु...
 पोस्ट लेवल : व्यक्ति-विशेष
Devendra Gehlod
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 पोस्ट लेवल : ghazal achal-deep-dubey
sanjiv verma salil
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छंद चर्चा:दोहा गोष्ठी:**सूर्य-कांता भोर आ, करती ध्यान अडोल।चंद्र-कांता साँझ सँग, हँस देती रस घोल।।*सूर्य-कांता गा रही, गौरैया सँग गीत।चंद्र-कांता के हुए, जगमग तारे मीत।।*सूर्य-कांता खिलखिला, हँसी सूर्य-मुख लाल।पवनपुत्र लग रहे हो, किसने मला गुलाल।।*चंद्र-कांता मुस्क...
 पोस्ट लेवल : कार्य शाला दोहा
sanjiv verma salil
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मुक्तिका*उन्नीस मात्रिक महापौराणिक जातीय ग्रंथि छंदमापनी: २१२२ २१२२ २१२*खौलती खामोशियों कुछ तो कहोहोश खोते होश सी चुप क्यों रहो?*स्वप्न देखो तो करो साकार भीराह की बढ़ा नहीं चुप हो सहो*हौसलों के सौं नहीं मन मारनाहौसले सौ-सौ जियो, मत खो-ढहो*बैठ आधी रात संसद जागतीचैन क...
 पोस्ट लेवल : मुक्तिका
sanjiv verma salil
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गीत:प्रेम कविता...संजीव 'सलिल'**प्रेम कविता कब कलम सेकभी कोई लिख सका है?*प्रेम कविता को लिखा जाता नहीं है.प्रेम होता है किया जाता नहीं है..जन्मते ही सुत जननि से प्रेम करता-कहो क्या यह प्रेम का नाता नहीं है?.कृष्ण ने जो यशोदा के साथ पालाप्रेम की पोथी का उद्गाता वही...
 पोस्ट लेवल : गीत प्रेम कविता
sanjiv verma salil
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एक गीत *येन-केन जीते चुनाव हमबनी हमारी अब सरकारकोई न रोके, कोई न टोकेकरना हमको बंटाढार*हम भाषा के मालिक, कर सम्मेलन ताली बजवाएँटाँगें चित्र मगर रचनाकारों को बाहर करवाएँहै साहित्य न हमको प्यारा, भाषा के हम ठेकेदारभाषा करे विरोध न किंचित, छीने अंक बिना आधारअंग्र...
 पोस्ट लेवल : गीत सरकार चुनाव