ब्लॉगसेतु

अविनाश वाचस्पति
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नारी तू स्वाभिमान है, प्रेरणा है, सम्मान है,तू आदिशक्ति है, अन्नपूर्णा है, देती जीवनदान है।ख़ामोशी की बंदिशों को तोड़ करउन्मुक्त उड़ान तू भर पंख फैलाए खुले आसमान मेंसारी दुनिया फतेह तू कर,अपनी ख्वाहिशों को दे अंजाम,छू ले आसमान।नारी तू स्वाभिमान है, प...
jaikrishnarai tushar
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 चित्र साभार गूगलएक ग़ज़ल-तुम्हारा चाँद, तुम्हारा ही आसमान रहाहवा में,धूप में,पानी में फूल खिलते रहेहज़ार रंग लिए ख़ुशबुएं बदलते रहेबड़े हुए तो सफ़र में थकान होने लगीतमाम बच्चे जो घुटनों के बल पे चलते रहेसुनामी,आँधियाँ, बारिश,हवाएँ हार गईंबुझे चराग़ नई तीलियों से जलत...
अनंत विजय
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बिहार के स्कूल में पढ़ाई के दौरान की एक स्मृति अबतक मानस पटल पर है। कक्षा में छात्रों से बात करते हुए हमारे प्राथमिक विद्यालय के मास्टर साहब कौवा और कान का उदाहरण देकर छात्रों को समझाया करते थे । वो हमेशा कहते थे कि अगर कोई कहे कि कौवा कान लेकर भाग गया तो कौवा के प...
Hari Mohan Gupta
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  आस्थाहीन व्यक्ति का जग में, सच मानो कुछ मान नहीं है,   पक्ष, विपक्ष  उभय  में बैठे, उसकी तो  पहिचान  नहीं  है |   कर्मठ, योग्य, साहसी ही तो, सम्मानित होते  हैं  जग में,    भिक्षा माँग  बड़ा हो&n...
कुसुम कोठारी
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 तपस्विनी माण्डवीराज भवन में एक योगिनीआँखें नम होगी पढ़करक्या अपराध किया बाला नेरखा गृह बनवास गढ़कर।बहन स्वयंवर से आनंदितकलिका सी सब महक रहीखंड़ हुआ शिव धनुष अखंडित खुशियाँ जैसे लहक रहीलगन अग्रजा का रघु कुल सुनसारी बहने चहक रहीतभी तात की एक घोषणाचार विदाई...
jaikrishnarai tushar
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 चित्र साभार गूगलएक ग़ज़ल-मौसम अच्छा धूप गुलाबीमौसम अच्छा धूप गुलाबी क्या दूँ इसको नामराधा कृष्ण कहूँ या इसको लिख दूँ सीतारामचन्दन की खुशबू में लिपटे दीपक यादों केरामचरितमानस को लेकर बैठी दूल्हन शामभींगे पंखों वाली तितली लिपटी फूलों सेमौसम आया फूल तोड़ने करके चार...