ब्लॉगसेतु

अविनाश वाचस्पति
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स्मृति गीत:संजीव 'सलिल'सृजन विरासततुमसे पाई...*अलस सवेरे उठते ही तुम,बिन आलस्य काम में जुटतीं.सिगडी, सनसी,चिमटा, चमचाचौके में वाद्यों सी बजतीं.देर हुई तोहमें जगाने टेर-टेर आवाज़ लगाई.सृजन विरासततुमसे पाई...*जेल निरीक्षण कर आते थे,नित सूरज उगने के पहले.तव पाबंदी,श्र...
 पोस्ट लेवल : geet shokgeet navgeet smriti geet sanjiv 'salil' maa-papa
ललित शर्मा
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कभी -कभी रंगों से खेलने का मन करता है. जब रंग-तुलिका और केनवास का मिलन होता है तो अन्दर बैठ चित्रकार जाग जाता है. और वह कुछ गढ़ने लगता है. ऐसा मेरे साथ होता है. जब तक मैं कुछ गढ़ नही लूँ तब तक मुझे आत्मिक शांति नहीं मिलती. सारा शरीर भारी-भारी लगता है.-जब कल्पना केनव...
 पोस्ट लेवल : शिल्पकार कविता
शरद  कोकास
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दंगवाड़ा के इस उत्खनन कैम्प में हमारा खुदाई का यह नौवाँ दिन है लेकिन  इस दिन एक ऐसी घटना घटी कि हम सभी को बहुत शर्मिन्दा होना पड़ा । क्या हुआ यह जानने से पहले ज़रा पाँचवें दिन की डायरीपर एक नज़र डाल लें। एक पुरातत्ववेत्ता की डायरी -पाँचवा दिन  आज की...
अशोक पाण्‍डेय
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तेज बरसात की वजह से चावल के पौधे पानी में बिलकुल डूब जाते हैं। अब जापानी वैज्ञानिकों ने ऐसे जीनों का पता लगाया है जिनके जरिए चावल के पौधे का विकास इस तेजी से बढ़ाया जा सकता है कि वह पानी में डूबे ही नहीं।भारत में चावल उगाने वाले किसान जहां बरसात के लिए तरसते हैं, व...
girish billore
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Manoj Kumar
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An Alaskan company named gScreen has plans to produce a dual-screen laptop before the end of the year. Called the Spacebook and available on Amazon, it will be the first laptop with a built-in secondary screen that slides out from behind the primary one. Here's a s...
 पोस्ट लेवल : टेक्नोलोजी
सुनीता शानू
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यूँ हीं आई जब याद बात कोई तो कागज़ पर कलम फ़िर चल पड़ी....आधी बात कही थी तुमने और आधी मैने भी जोड़ी तब जाकर बनी तस्वीरसच्ची-झूठी थोड़ी-थोड़ीनटखट सी बातों के पीछेदुनिया भर का प्यार छुपामुस्काती आँखो ने भीजाने कितने स्वप्न दिखालूटा था भोला-सा बचपन और मिला जबपहला-पहला खत तु...
 पोस्ट लेवल : कविता सुनीता शानू
ललित शर्मा
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पृथ्वी गोल घुमती हैठीक मेरे जीवन की तरहपृथ्वी की दो धुरियाँ हैंउत्तर और दक्षिणमेरी भी दो धुरियाँ हैंमाँ और पत्नीमै इनके बीच में हीघूमता रहता हूँमाँ कहती है,आँगन में आकर बैठ खुली हवा मेंपत्नी कहती है अन्दर बैठो बाहर धुल मच्छर हैंमाँ कहती हैतू कमाने बा...
 पोस्ट लेवल : शिल्पकार कविता
girish billore
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 पोस्ट लेवल : विजय की रचनाएं
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
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  बहुत दिनों बाद आज छुट्टी टाइप मूड के साथ बिस्तर छोड़ने को मिला। जगने के बाद तुरन्त कोई जरूरी काम नहीं था। सिविल सर्विसेज की मुख्य परीक्षा के सिलसिले में कोषागार के द्वितालक दृढ़कक्ष (double-lock strong-room) को सुबह -सुबह खोलने की जिम्मेदारी भी आज नहीं निभानी...