ब्लॉगसेतु

नवीन "राज" N.K.C
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       तैरता मन "क्षण में सेकड़ों सपने-गुदगुदा जाते हैं मन में,फिर झटक कर खोपड़ी को,सच्चाई भरता हूँ मैं तन में.क्यों ख्वाब के इस खोखले जगत में,दौड़ता है हर बार ये मन,क्यों न हकीकत की जमी पर -करता मुझे स्वीकार ये मन.क्या छुपा है रहष्य कोई?या...
Chaitanyaa Sharma
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हेलोवीन बहुत ही अलग तरह का त्यौहार है | ३१ अक्टूबर को हर साल मनाया जाता है | इस  त्योंहार में यहाँ सब कुछ डरावनी चीज़ों से सजाया जाता है | घर , माल स्टोर्स और यहाँ तक की हॉस्पिटल भी |  हेलोवीन के दिन  बच्चे और बड़े कुछ खास कॉस्टयूम पहनते हैं | बच्चे...
हंसराज सुज्ञ
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ईद का पर्व निकट है। पिछले वर्ष लगभग इन्हीं दिनों कुछ लोगों ने 'ब्लॉगवुड' पर आरोप लगाया कि लोग बकरीद के आसपास 'जीव-दया' पर लिखने लगते है। श्री प्रवीण शाह ने तो ऐसा आरोप लगाते हुए 11 प्रश्नों की एक जटिल प्रश्नावली ही खडी कर दी। जिसे 'हलालमीट' नामक ब्लॉग पर भी प्रमुखत...
Vivek Rastogi
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झारखंड धनबाद का पहला दलित डॉन बन रहा है या यूँ भी कह सकते हैं कि बन चुका है। परिचय है - धुलु महतो, उम्र ३५ वर्ष बाघमारा से विधायक हैं । धनबाद के कोयला क्षैत्र के उभरते हुए डॉन हैं। और इनकी कहानी भी किसी फ़िल्मी हीरो से कम नहीं है।  [फ़ोटो द वीक पत्रिका के...
पत्रकार रमेश कुमार जैन उर्फ निर्भीक
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1. शांति, दान की ही तरह, घर से शुरु होती है. 2. ज्‍़यादा समय तक क्रोध नहीं करना चाहिए. 3. ईमानदारी सर्वश्रेष्‍ठ नीति है.4. लोगों को अच्छे और बुरे में विभाजित करना निरर्थक है. लोग आकर्षक या उबाऊ होते हैं 5. देखें आप क्या कहते हैं – जो कुछ भी नहीं कहते, उनमें से कुछ...
 पोस्ट लेवल : सिरफिरा
पत्रकार रमेश कुमार जैन उर्फ निर्भीक
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मेरी इन लम्बी-लम्बी जुल्फों का कल "नाई" मलिक होगा. मैं कल दो नवम्बर 2011 को अपने ऊपर पत्नी व सुसराल वालों द्वारा फर्जी केसों के विरोध में मुंडन करवा रहा हूँ. आपको कल मेरी एक नई फोटो देखने को मिलेगी. जो हास्य से परिपूर्ण होगी और एक अच्छा संदेश भी देंगी. आज मेरा जैन...
 पोस्ट लेवल : सिरफिरा
राजेन्द्र स्वर्णकार
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ग़ज़लजामे-मय आंखों से पीना आ गयामर गए उन पर तो जीना आ गयाहाथ का पत्थर किनारे रख दियातब से जीने का क़रीना आ गयागर्म मौसम की हवा जब झेल लीतब से सावन का महीना आ गयापांव मां के छू लिए हो सरनिगूंहाथ में गोया दफ़ीना आ गयानाम उसका जब तलातुम में लियामेरी जानिब हर सफ़ीना आ गयामे...
Sanjay Chourasia
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कहा जाता है कि , एक जिम्मेदार इंसान अपने घर-परिवार की देखभाल , भरण-पोषण की जिम्मेदारी , अपना उत्तरदायित्व बहुत अच्छे से निभाता है ! किसी भी इंसान के ऊपर जिम्मेदारी का भार एक निश्चित उम्र के बाद ही आता है या फिर एक उम्र होती है जिसमे इंसान को हम जिम्मेदार कह सकते है...
ललित शर्मा
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ललित शर्मा का नमस्कार, आज छत्तीसगढ राज्य का स्थापना दिवस है, इस अवसर पर सभी मित्रों को हार्दिक शुभकामनाएं, छत्तीसगढ राज्य उतरोत्तर तरक्की करें। मैं दो राज्यों के निर्माण का साक्षी रहा हूँ, 1 नवम्बर को छत्तीसगढ एवं 9 नवम्बर को उत्तरांचल, उत्तरांचल के देहरादून के कार...
sangeeta swarup
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सोने का पिंजर ... अमेरिका और मैं ...पिछले कुछ दिनों पूर्व मुझे डा० अजीत गुप्ता जी द्वारा लिखी यह पुस्तक पढने को मिली ... पुस्तक को पढते हुए लग रहा था कि सारी घटनाएँ मेरे सामने ही उपस्थित होती जा रही हैं ..यह पुस्तक उन लोगों को दिग्भ्रमित होने से बचाने  में सहा...