ब्लॉगसेतु

हिमांशु पाण्डेय
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वह इच्छुक है सुनने को तेरे गीतों का स्वर मधुकरआ आ मुख निहार जाता है नीर नयन में भर निर्झरसरस तरंगित उर कर अपना बाँट रहा आनन्द विभवटेर रहा सुख गीत गुंजिता मुरली तेरा मुरलीधर ॥२२६॥सुन वह कैसे गाता तूँ विस्मय विमुग्ध सुन-सुन मधुकरइस नभ से उस नभ तक करता आलोकित वह स्वर...
संगीता पुरी
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जिस ब्रह्मांड में इतने बडे बडे पिंड एक खास पथ पर निरंतर चल रहे हों , वहां किसी व्‍यक्ति के द्वारा यह स्‍वीकार नहीं किया जाना कि हम सब अपने शरीर में स्थित उर्जा के अनुसार ही कार्य कर पाते हैं, मुझे अजूबा लगता है। हम सभी जानते हैं कि इस दुनिया में कोई भी व्‍यक्ति दूस...
संजीव तिवारी
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मेरे पिछ्ले पोस्ट मे हुए टंकण त्रुटि पर ललित शर्मा जी की टिप्पणी पर भाई शरद कोकाश जी ने लिखा 'ललित जी के लिये एक शोध विषय का सुझाव - " देवकीनन्दन खत्री से अलबेला खत्री तक हिन्दी की यात्रा ". देवकीनन्दन खत्री जी का नाम हिन्दी के विश्व मानस पटल मे जाना पहचाना है. शरद...
 पोस्ट लेवल : अलबेला खत्री
girish billore
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 पोस्ट लेवल : mahashakti
sangeeta swarup
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ख़ामोशी के घुंघरू भी करते हैं बहुत शोर कभी कभी महफ़िल में भी तन्हाई होती है चारों ओर .
 पोस्ट लेवल : chhoti nazm.....sarwadhikaar surakshit
sangeeta swarup
358
राख के नीचे चिंगारी अभी बाकी है ज़रा प्यार का पंखा झल कर तो देखो
 पोस्ट लेवल : chhoti nazm.....sarwadhikaar surakshit
सतीश सक्सेना
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सर्वत भाई के मेरे गीत पर किये गए  कमेंट्स  !" दुबारा आ गया हूँ, वसंत पंचमी की मुबारकबाद देने-एक दिन बाद. हम भारतीय विलम्ब से काम करने में माहिर हैं.एक जरूरी बात कहनी थी, बुरा न मानियेगा.....क्या किसी साउथ इंडियन फिल्म में खलनायक की भूमिका मिल गयी है?...
अजय  कुमार झा
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मुझे नहीं पता था कि जब मैं इस पर लौटूंगा तो चर्चा की पटरियां "चिट्ठा चालीसा एक्स्प्रेस " बनके आपके सामने उतरेगी । और अभी तो रेल लाईनें बिछ रही हैं , यानि निर्माण कार्य जारी है जी , देखते जाईये और हां अपना अपना रिजर्वेशन करा लीजीये ............लंबी सैर को निकलना है...
ललित शर्मा
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सुरसा मुख सीबढती मंहगाईकोल्हु के बैल कंधों परगृहस्थी का जुड़ा डालेप्राण वायु मे घुलता जहररसायन से मौत उगलते खेतबोझ से झुकी कमरदीमक लगी उमरजो नित चाट रहीजीवन रेखाघुटने साथ नही देतेलेकिनवो कहते हैंबसंत बुढा नही होताकोई उनसे पूछेमोतियाबिंद सेअंधी हुई आंखे लेकरमधुमेह ग्...
Arvind Mishra
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उत्तर प्रदेश सरकार के राज चिह्न में धनुष के साथ मछलियाँ उत्कीर्ण हैं .संभवतः अर्जुन के लक्ष्य भेद की पुराकथा से प्रेरित. राज्य में पहली बार  अनूठे ढंग का एक मीन/मत्स्य मेला आयोजित होने जा रहा है .स्थान है मोती महल लान ,राणा प्रताप मार्ग ,लखनऊ और तारीखें -२९ से...
 पोस्ट लेवल : Fish Fest Fish and Fisheries