ब्लॉगसेतु

ललित शर्मा
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परसों होली है, नंगाड़ों की मधुर ताल वातावरण कों होली मय कर रही है. कल शाम कों हमारे घर में नगाड़ों की आवाज सुनाई दी. तबियत नासाज होने के कारण मैं सोया हुआ था. देखा तो चंदू घर के अन्दर ही नगाड़े पीटने लग गया है. भाई होली है......बच्चों बूढों सभी के मन में होली की उम...
girish billore
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 पोस्ट लेवल : रसरंग बरात
महेश कुमार वर्मा
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सरकार ने महिला आरक्षण विधेयक पास कर दिया है और अब इसपर बहस होगी। इस विधेयक में लोक सभा व राज्य विधान सभा में महिलाओं को 33% आरक्षण की व्यवस्था है। स्थानीय निकाय के चुनाव में पहले से ही महिलाओं को आरक्षण मिला हुआ है। पर वहाँ महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों पर चुने गए म...
Roshan Jaswal
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हींग गर्म तीक्ष्ण वात कफ़ और शूल को नष्ट करती  है और पित प्रकोपक होती है! यह रस मे कटु और उष्ण वीर्य होती है ! भोजन में रुचि उत्पन्न करती है! हींग को सौंफ़ के अर्क में देने से मूत्रावरोध में लभ होता है! हींग को पानी घोल कर नाक में उसकी बूंदे ढालने से आ...
 पोस्ट लेवल : स्‍वास्‍थ्‍य
निर्मला कपिला
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सच्ची साधनाकल आपने पढा कि शिवदास अपनी जिम्मेदारियों से भाग कर साधु बन गया और 20-25 साल बाद वो साधु के वेश मे अपने गाँव लौटता है। उसका मन साधु के रूप मे भी अब नही लगता था।  eएक दिन उसका मन बहुत उदास हुया तो उसे अपने घर की याद आयी।वो अपने गाँव लौटता है और अपने द...
 पोस्ट लेवल : कहानी
Mithilesh Dhar Dubey
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ये तो सबको मालुम ही होगा कि कांग्रेस ऐसे कोई मौका नहीं चूकती जिससे हिन्दूओं को हतोउत्साहित किया जा सके , लेकिन शायद वह यह भूल जाती हैं कि हिन्दू कमजोर नहीं कि वह किसी डरें , उन्हे अपनी रक्षा करनी अच्छी तरह से आती है । भारत की वार्तमान स्थिति पर अगर ध्यान दिया जाये...
 पोस्ट लेवल : लेख
अविनाश वाचस्पति
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शाम का मंज़र... कितना खौफज़दा है । आसमान खून से तर है । ऐसा मालूम होता है किसी ने सूरज का कत्ल कर दिया है । शायद आखिरी साँस उफ़क की बाहों में लेना चाहता है । वह डूबता ही जा रहा है । पुरानी यादों की आहट दिल पर दस्तक दे जाती है । कुछ ज़ख्मी लम्हों का काफिला आँखों में उतर...
 पोस्ट लेवल : tanharaat tripurari kumar sharma wo lash kiski thi
rashmi prabha
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रंग प्यार का रंग आशीष कारंग हमारी भाषा कारंग हमारे देश कारंग हमारे कर्मठ जवानों का रंग हमारी आन-बान-शान का रंग हमारे संस्कारों का ....आओ हम अपनी नफरत का दहन करेंऔर इन रंगों से अपना आज रंग लें..............होली की शुभकामनायें
अविनाश वाचस्पति
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होली का मजाक न समझें बिल्‍कुल गंभीर हूंसंग ठन जायेब्‍लॉगरों मेंऔर गठन चाहेमैं ऐसा नहीं हूं।साथ लेकर चलता हूंअब अकेला नहीं हूंअकेला नहीं रहने दूंगासबको साथ लेकर चलूंगासब आयेंगे साथ मेरेमन है विश्‍वास।समस्‍यायें सबकी साझी हैंविश्‍वास सबका साझा हैइकट्ठे होने का अपनाए...