ब्लॉगसेतु

Rajeev Sharma
221
नन्हे मुन्ने बच्चे बैठे कथा बांचने ज्ञान की पढ़ लिख कर नाम करें शान हों हिंदुस्तान कीहिंद की शान हैं हम, चलो मिलकर गाएँ  हम  माँ बाप की पूजा करें, जो लाये हैं हमे जहान में वन में भटके राम जहाँ, पितृ वचन के मान में&n...
 पोस्ट लेवल : रचना
प्रमोद ताम्‍बट
306
//व्यंग्य-प्रमोद ताम्बट//जनसंदेश टाइम्स लखनऊ में प्रकाशित          ‘‘एक कदम आगे दो कदम पीछे’’ शीर्षक है उस किताब का जिसमें लेनिन ने रूसी कम्युनिस्ट पार्टी में व्याप्त गलतियों और कमजोरियों की आलोचना की थी। पश्चिम बंगाल...
 पोस्ट लेवल : व्यंग्य
Mayank Bhardwaj
55
कभी कभी अनजान नंबर से मोबाइल पर आई कॉल देखकर आप संकोच में पड़ जाते है आखिर यह कॉल आई कहां से और किसने की यह कॉलऐसे मे आप सोचते है कि काश कोई ऐसा साधन होता जिससे मालूम किया जा सकता कि यह कॉल आई कहां से है तो मै आज आपके लिए वो ही एप्लिकेशन लाया हू जिसे अपने फोन मे डा...
 पोस्ट लेवल : मोबाइल दूनिया
अजय  कुमार झा
170
कवि जी , इन कविताई पोज़ हां ,बदल ही गया होगा दस्तूर जमाने का ,अब ,खतों का मेरे , कोई जवाब नहीं देता ॥सयाने हुए हैं सारे , अब जरूरत नहीं होती,यही वजह है कि , तोहफ़े मे अब कोई किताब नहीं देता ॥अब कहां , कशिश बची है मोहब्बत की , किताबों में रखने को , कोई अब गुलाब नहीं द...
Kavita Rawat
194
गाँव मुझे हरदम अपनी ओर आकर्षित करते हैं। इसलिए जब भी मौका मिलता है निकल पड़ती हूँ भले ही दो-चार दिन के लिए ही सही। लेकिन जितने समय वहां रहती हूँ, कई घर-परिवारों की दशा देखकर शहर में आकर भी मन वहीँ बार-बार भटकने लगता है. पिछली बार जब गाँव जाना हुआ तो गाँव के एक परिव...
अजय  कुमार झा
681
संगीता पुरी
222
20 और 21 मई को मेष लग्‍नवालों की व्‍यस्‍तता भाग्‍य , धर्म या खर्च जैसे संदर्भों में बनी रहेगी। माता पक्ष , किसी भी प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति से संबंधित मुद्दे सुखद बने रहेंगे। अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई जैसे मामले सुखद बने रहेंगे। पर भाई , बहन या अन्...
संजीव तिवारी
71
पिछले दिनों राजघाट से गाजा तक के कारवां में साथ रहे  दैनिक छत्‍तीसगढ़ समाचार पत्र के संपादक श्री सुनील कुमार जी का संस्‍मरण हमने अपने पाठकों के लिए छत्‍तीसगढ़ से साभार क्रमश: प्रकाशित किया था. महत्‍वपूर्ण एवं विश्‍व भर में चर्चित कारवां के बाद सुनील कुमार जी,...
राजेन्द्र स्वर्णकार
434
आज की अनोखी रचना उनके लिएकरे तीजे घरों पर जो लड़ाई !कई मुर्दों में फिर से जान आईये महफ़िल आपने फिर जो सजाईकई कब्रों से उठ बैठी हैं लाशेंभभकती गंध ये आई , वो आईजो रूखे  थोबड़े बंजर हैं , उन परकुटिलता फिर घिनौनी मुस्कुराईभटकते श्वान आवारा कई जोज़ुबां भुस’-काटने...
Sanjay Chourasia
181
क्या आप परेशान हैं ? ( इस देश में सुखी कौन है ) क्या आपको बार-बार किसी की बुरी नजर लग जाती है ? ( भले ही ऐश्वर्या राय को आज तक नजर ना लगी हो ) क्या आपको आपके व्यवसाय में घाटा हो रहा है ? ( लगता है राजनीति का धंधा नहीं करता ) क्या आप गरीब है ? ( भ्रष्टाचारियों को छो...