ब्लॉगसेतु

हिमांशु पाण्डेय
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चारु और मैंइधर संवाद-स्वाद, फिर अवसाद के कुछ क्षणों से गुजरते हुए चारुहासिनी की मनुहार से बाबूजी के लिखे कई गीत यूँ ही गुनगुनाता रहा । अपनी सहेलियों को बाबूजी के लिखे गीतों को गा-गाकर सुनाना और फिर अपनी इस समृद्धि पर इतराना उसकी बाल सुलभ क्रिया हो गयी है इन दिनों ।...
Mithilesh Dhar Dubey
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'हिन्दू' शब्द मानवता का मर्म सँजोया है। अनगिनत मानवीय भावनाएँ इसमे पिरोयी है। सदियों तक उदारता एवं सहिष्णुता का पर्याय बने रहे इस शब्द को कतिपय अविचारी लोगों नें विवादित कर रखा है। इस शब्द की अभिव्यक्ति 'आर्य' शब्द से होती है। आर्य यानि कि मानवीय श्रेष्ठता का अटल म...
 पोस्ट लेवल : लेख
अजय  कुमार झा
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अरे भाई ये मैं नहीं कह रहा हूं , ये तो कुछ दिनों पहले "न्यायपालिका में ई गवर्नेंस " के विषय पर एक व्याख्यान देते हुए ये बात आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री वी वी राव ने कहा कि देश की अदालतों में अभी लंबित कुल सवा तीन करोड मुकदमों को यदि आज स...
विजय कुमार सप्पत्ति
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प्रिय मित्रो ;नमस्कार . आज  सोचा की दुखो का मूल कारण क्या है ,जिनके वजह से सारे मनुष्य जाती को दुःख भोगना पड़ता है ....तो ये समझ में आया की दुखो का मूल कारण सिर्फ और सिर्फ दो  ही है - एक तो अपेक्षा और दूसरी उपेक्षा !!! सारे संसार में उत्पन्...
संजीव तिवारी
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गूगल ने कल ब्लॉग को मनचाहा रूप और आकार देने की प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए इंटरफेस टेम्पलेट डिजाइनर की सुविधा प्रदान की है. गूगल की घोषणा के अनुसार वह अपने ब्लॉगर उपयोगकर्ताओं को अपने ब्लॉग को सरलतम तरीके से अधिक विशिष्ट बनाने के लिए, एक अतिरिक्त सुविधा टेम्प...
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
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  “साहब मुझे यहाँ से छुड़ा दीजिए… ये लोग मुझे बहुत मार रहे हैं…” अचानक कान में ये शब्द पड़े तो मैं अपने मोबाइल के मेसेज पढ़ना छोड़कर उसकी ओर देखने लगा। एक लड़का बिल्कुल मेरे नजदीक आकर मुझसे ही कुछ कहने की कोशिश कर रहा था। करीब तेरह चौदह साल की उम्र का वह दुबला सा...
Alpana Verma
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[चित्र साभार - गूगल ] वक़्त को कई बार रूप बदलते देखा है.आज कल कुछ ज्यादा ही साफ़ और करीब दिखाई देता है.क्योंकि अब हम बच्चे नहीं हैं इसलिए उसका रूप पहले की तरह नर्म और स्नेहमयी नहीं है,एक हाथ में नियम /काएदे की लिस्ट और दूसरे हाथ में एक मीज़ान लिए रहता है.य...
 पोस्ट लेवल : article अल्पना वर्मा
girish billore
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 पोस्ट लेवल : kavitayen pro. shyanlal upadhyay. samyik hindi kavita
Vivek Rastogi
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"पूतना वध" भागवतम - दशम स्कन्ध, भाग छ:श्लोक नं ३५भागवतम दशम स्कन्ध, भाग छ:"पूतना लोग बालघ्नि राक्षसी रुधिरासनाजिघमसयपि हरये स्तनम दत्तवापा सबगति"तात्पर्य - कृष्ण कृपामूर्ति अभयचरणार्विन्द भक्तिवेदान्त स्वामी प्रभुपाद द्वारा पूतना सदैव बालकों के खून की प्यासी र...
kumarendra singh sengar
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हाय! ये आह एक हमारी नहीं, हर उस व्यक्ति की है जो बाजार के कुअवसरों से दो-चार होता है। बाजार का नजारा और इस नजारे के बीच सामानों के दामों का आसमान पर चढ़े होना। बहुत प्रयास किया गया हमारे वित्त-मंत्री जी की ओर से किन्तु सामानों के दाम हैं कि नीचे आने को तैयार नहीं ह...