ब्लॉगसेतु

महेश कुमार वर्मा
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कादम्बिनी पत्रिका से मैं वर्षों से परिचित हूँ पर पहले मैं इसे खरीदकर नहीं पढ़ता था । मौका निकलकर पुस्तकालय में जाकर पढ़ता था या तो वह भी नहीं हो पाता था । पर अब पिछले कई माह से मैं इसे नियमित रूप से खरीदकर पढ रह हूँ । यह पत्रिका युवा वर्ग के लिए एक अद्वितीय पत्रिका...
 पोस्ट लेवल : विचार कादम्बिनी
Arvind Mishra
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रीवर ऑफ़ गाड्स: समकालीन विज्ञान कथा साहित्य की एक प्रतिनिधि औपन्यासिक कृति `रीवर आफ गाड्स´ इयान मैकडोनाल की एक हालिया औपन्यासिक कृति है जो अपने विज्ञान कथात्मक पृष्ठभूमि तथा उत्कृष...
 पोस्ट लेवल : Review River of Gods
अनीता कुमार
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अम्मा- मेड टू ऑर्डर जाल तंत्र पर हमारे एक मित्र हैं।मुश्किल से 23/24 साल के होंगे, मूलत:उत्तर प्रदेश के किसी गावँ से हैं पर आज कल देहली में रहते हैं, दाल रोटी के जुगाड़ के चक्कर में।देहली से ही उन्होंने मॉस मिडिया का कॉर्स किया हुआ है, खुद को अति महान पत्रकार मानत...
 पोस्ट लेवल : लेख
महेश कुमार वर्मा
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नमस्कार,कृपया इन्तजार करें, मैं जल्द ही इस ब्लोग पर तार्किक विषय से सम्बंधित विषय ला रह हूँ। बस थोडा इन्तजार करें।
अविनाश वाचस्पति
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हार - जीत खेल में हार नहीं होती हारखेल में जीत नहीं होती मीतखेले जाओ यही सच्ची रीतहारने पर भी पहन आओ हार
 पोस्ट लेवल : आज की हार आज की जीत
सुनीता शानू
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ऎ जिन्दगी तुझको अब मैने पुकारा नहींसारे जहाँ में तुझको कोई भी प्यारा नहींखो गई हूँ खुदी में,जब मिली खुद से मैलेकिन लबो पर नाम भी अब तुम्हारा नहींछोड़ दे तनहा मुझको अब ना तड़पा मुझेऎसा नहीं कि तुझ बिन अब मेरा गुजारा नहींतेरी बेवफ़ाई कि तुझको, मै दूँ क्या खबरमेरे दिल का...
 पोस्ट लेवल : कुछ दर्द एसे भी
अमिय प्रसून मल्लिक
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मेरे ज़ेहन में उठनेवाले सारे सवालों में मिलना ।रात- दिन तुम मुझको मेरे ख़यालों में मिलना ॥मैं हवा हूँ, कर न पाऊँ 'ग़र मुलाक़ात हर रोज़ पलकों के अँधेरे में मिलना, धड़कन के उजालों में मिलना ।हर पल पसंद है तेरा रुप- श्रृंगार मुझको बंद ज़ुल्फ़ों में मिलो या खुले बालों में...