ब्लॉगसेतु

sanjiv verma salil
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दोहा-यमक *गले मिले दोहा यमक, गणपति दें आशीष। हो समृद्ध गणतंत्र यह, गणपति बने मनीष।। *वीणावादिनि शत नमन, साध सकूं कुछ राग ।वीणावादिनि है विनत, मन में ले अनुराग। ।*अक्षर क्षर हो दे रहा, क्षर अक्षर ज्ञान।शब्द ब्रह्म को नमन कर, भव तरते मतिमान।।*चित्र गुप...
 पोस्ट लेवल : यमक doha दोहा alankar yamak
sanjiv verma salil
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नवगीत :का बिगार दओ?*काए फूँक रओ बेदर्दी सें हो खें भाव बिभोर?का बिगार दो तोरो मैंनेभइया रामकिसोर??*हँस खेलत तीसंग पवन खेंपेंग भरत ती खूब।तेंदू बिरछाबाँह झुलाउतरओ खुसी में डूब।कें की नजरलग गई दइया!धर लओ मो खों तोर।का बिगार दो तोरो मैंनेभइया रामकिसोर??*काट-सुखाभ...
 पोस्ट लेवल : नवगीत धूम्रपान navgeet dhoomra pan
sanjiv verma salil
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पीजा मान्साहार है...मोजरेला चीज़ Mozzarella व अन्य प्रकार के पनीर जिनसे पिज़्ज़ा या पीज़ा या अन्य विदेशी व्यंजन बनते हैं, शाकाहारी नहीं हैं।पश्चिमी फैशन के मारे हुए हमारे भारतीय भाई बड़े शौक से पीज़ा खाते हैं क्योंकि पीज़ा पर शाकाहार की हरी मुहर लगी होती है।लेकिन बे...
 पोस्ट लेवल : पीजा mansahar pizza मान्साहार
sanjiv verma salil
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नवगीतःसुग्गा बोलोसन्जीव*सुग्गा बोलोजय सिया राम...*काने कौए कुर्सी कोपकड़ सयाने बन बैठेभूल गये रुकना-झुकनादेख आईना हँस एँठेखिसकी पाँव तले धरतीनाम हुआ बेहद बदनाम...*मोहन ने फिर व्यूह रचाकिया पार्थ ने शर-सन्धानकौरव हुए धराशायीजनगण सिद्‍ध हुआ मतिमानखुश मत हो, सच याद रख...
रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : लघुकथा
Khushdeep Sehgal
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सोशल मीडिया पर टिकटॉक ऐप के जरिए आपके किसी दोस्त की ओर से शेयर किए गए वीडियो से आपके चेहरे पर कभी मुस्कान आई होगी. हो सकता है कि आपने भी उसे अपने फ्रेंड सर्किल में शेयर किया हो. लेकिन ठहरिए, इस ऐप का हंसने-हंसाने के लिए ही इस्तेमाल नहीं हो रहा. चीन से संचालित इन ऐप...
sanjiv verma salil
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कार्यशाला : घनाक्षरी माँ कोख में न मारिए, गोद में ले दुलारिए, प्यार से पुचकारिए, बेटी उपहार है। सजाती घर आँगन, बहाती रस पावन, लगती मनभावन, घर की शृंगार है। तपस्वी साधिका वह, श्याम की राधिका वह ब्रज की वाटिका वह, बरसाती प्यार है दो कुल की शान बेटी, देश की गुमान बेटी...
रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : व्यंग्य
राजेश त्रिपाठी
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आज अचानक पुरानी फाइलों को पलटते हुए भैया की एक फाइल हाथ लग गयी। उसमें उनकी कुछ मुक्तछंद की कविताएं मिल गयीं जो मैंने पहले नहीं देखीं थीं। वे कुछ भी लिखते मुझे पढ़ाते जरूर थे। जाने क्यों उन्होंने इन कविताओं को चुपचाप फाइल में कैद कर दिया। इनमें एक कविता ऐसी है जिसमे...
सुमन कपूर
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.............  सोचते सोचते यूँ ही  उम्र गुजर जाएगी कर्मों के निशां रह जायेंगे जिन्दगी फ़ना हो जाएगी !!सु-मन
 पोस्ट लेवल : उम्र जिंदगी