ब्लॉगसेतु

सचिन श्रीवास्तव
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मेरे प्रिय कवियों में लगभग सभी हिंदुस्तानी और उसमें भी हिंदी के कवि ज्यादा हैं। अंग्रेजी साहित्य का मैं बहुत अच्छा विद्यार्थी नहीं हूं, इसके बावजूद मैं ईलियट के पास बार बार जाता हूं। अंग्रेजी पढ़ने की अपनी सीमाओं से जूझते हुए। इसकी वजह क्या होगी, पता नहीं। कई बार त...
 पोस्ट लेवल : साहित्य
अनीता सैनी
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  समय के साथ समेटना पड़ता है वह दौर,   जब हम खिलखिलाकर हँसते हैं, बहलाना होता है उन लम्हों को,  जो उन्मुक्त उड़ान से अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करते हैं,  गठरी में बाँधनी पड़ती है, उस वक़्त धूप-सी बिखरी कुछ गु...
Vidyut Maurya
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मैं दूसरी बार पोर्ट ब्लेयर के चाथम शॉ मिल में पहुंचा हूं।  पर अपनी पिछली यात्रा में इस एशिया के सबसे बड़े और सबसे पुराने आरा मशीन वाले मिल को अंदर घूम कर नहीं देख पाया था। पर इस बार हमलोग इसके वर्कशॉप में घुस गए हैं। यहां है नैरो गेज रेलवे लाइन - जैसा की...
 पोस्ट लेवल : ANDAMAN NICOBAR
संजीव तिवारी
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 पोस्ट लेवल : Legend News
संजीव तिवारी
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 पोस्ट लेवल : Legend News
संजीव तिवारी
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 पोस्ट लेवल : TOP NEWS
संजीव तिवारी
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 पोस्ट लेवल : Khabar
संजीव तिवारी
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 पोस्ट लेवल : Khabar
राजीव सिन्हा
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1 “सौ साल।” मैं चौंक पड़ा। मुझे अपने कानों पर विश्‍वास न आया। मैंने कापी मेज पर रख दी और अपनी कुरसी को थोड़ा-सा आगे सरकाकर पूछा -“क्‍या कहा तुमने? सौ साल? तुम्‍हारी उम्र सौ साल है?” तीनों कोटों को एक साथ बाँधते हुए धोबी ने मेरी तरफ देखा और...
 पोस्ट लेवल : कहानियाँ
संजीव तिवारी
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 पोस्ट लेवल : TOP NEWS