ब्लॉगसेतु

Saransh Sagar
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किसी शहर में एक जौहरी रहता था। उसका भरा-पूरा परिवार था। एक दिन अचानक दिल का दौरा पड़ने के कारण उसका निधन हो गया। उसके निधन के बाद परिवार संकट में पड़ गया। हालांकि पत्नी ने बुरे दिनो के लिए कुछ रूपये-पैसे बचा कर रखे थे। पर भला वे कितने दिन तक चलते ? इसलिए उनके खाने...
Saransh Sagar
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बहुत समय पहले की बात है , चंदनपुर का राजा बड़ा प्रतापी था , दूर-दूर तक उसकी समृद्धि की चर्चाएं होती थी, उसके चार आने का हिसाब महल में हर एक सुख-सुविधा की वस्तु उपलब्ध थी पर फिर भी अंदर से उसका मन अशांत रहता था। उसने कई ज्योतिषियों और पंडितों से इसका कारण जानना चाहा,...
Saransh Sagar
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एक गांव में एक आदमी अपने प्रिय तोते के साथ रहता था, एक बार जब वह आदमी किसी काम से दूसरे गांव जा रहा था, तो उसके तोते ने उससे कहा – मालिक, जहाँ आप जा रहे हैं वहाँ मेरा गुरु-तोता रहता है. उसके लिए मेरा एक संदेश ले जाएंगे ? क्यों नहीं ! – उस आदमी ने जवाब दिया, मेरा सं...
Saransh Sagar
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एक बार दो गधे अपनी पीठ पर बोझा उठाये चले जा रहे थे, उनको काफी लंबा सफर तय करना था.. एक गधे की पीठ पर नमक की भारी बोरियां लदी हुई थीं तो एक की पीठ पर रूई की बोरियां लदी हुई थीं - जिस रास्ते से वो जा रहे थे उस बीच में एक नदी पड़ी, नदी के ऊपर रेत की बोरियों क...
Saransh Sagar
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“एक बार एक रेस्टोरेंट में एक कॉकरोच (तिलचिट्टा) कही से उड़कर एक महिला पर जा गिरा। वह महिला डर के मारे चिल्लाने लगी और इधर उधर उछलने लगी। उसका चेहरा कॉकरोच के आतंक से भयभित था और वह किसी भी तरह से कॉकरोच से छुटकारा पाने का प्रयास कर रही थी। और आख़िरकार वह कॉकरोच से पी...
Saransh Sagar
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ये एक लड़की की सच्ची कहानी है जो हमें कठिन से कठिन परिस्थितियों के बावजूद जीवन को सकारात्मक तरीके से जीने और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रेरणा देती है । 25 सितम्बर , 2000 की बात है। तब Maricel Apatan ( मैरिकेल ऐप्टैन) महज 11 साल की थी . उस दिन वो अपने अंक...
Saransh Sagar
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इंटरव्यू देने के लिए जैसे ही वह उम्मीदवार कमरे में दाखिल हुआ मैंने उसे पहचान लिया। यह वही लड़का था जिसे मैं अकसर आफिस आते हुए बस में देखा करता था। उसे देखते ही मन चिढ़ जाता।उसका गंदा व्यक्तित्व, ओछी हरकतें और भिखारियों सा पहनावा देख अजीब सी घृणा भर गई थी मेरे अंदर। ए...
Saransh Sagar
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एक दिन थॉमस एल्वा एडिसन जो कि प्रायमरी स्कूल का विद्यार्थी था,अपने घर आया और एक कागज अपनी माता को दिया और बताया :-" मेरे शिक्षक ने इसे दिया है और कहा है कि इसे अपनी माताजी को ही देना..! " उक्त कागज को देखकर माँ की आँखों में आँसू आ गये और वो जोर-जोर से पड़ीं, ज...
डा. सुशील कुमार जोशी
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कितने पन्ने और कब तलक आखिर कोई रद्दी में बेचने के लिये जायेगालिखते लिखते कुछ भी कहीं भी कभी किसी दिन कुछ तो सिखायेगाशायद किसी दिन यूँ ही कभी कुछ ऐसा भी लिख लिया जायेगायाद...
Saransh Sagar
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एक बार एक भिखारी एक सज्जन से भीख मांगने आया ! भिखारी दीन दशा बनाए उस सज्जन से क्षुधा निवारण के लिए कुछ मांग रहा था ! उस सज्जन ने भिखारी से पूछा ? तुम भीख कयों मांगते हो ? भिखारी ने कहा मैं निर्धन हूँ इस लिए आजीविका के लिए भिक्षाटन करता हूँ ! उस सज्जन ने कहा भो...