ब्लॉगसेतु

शिवम् मिश्रा
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 विनायक दामोदर सावरकर (अंग्रेजी: Vinayak Damodar Savarkar, जन्म: २८ मई १८८३ - मृत्यु: २६ फरवरी १९६६) भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन के अग्रिम पंक्ति के सेनानी और प्रखर राष्ट्रवादी नेता थे। उन्हें प्रायः वीर सावरकर के नाम से सम्बोधित किया जाता है। हिन्दू राष्ट्...
अनीता सैनी
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 वासंती परिधान पहनकरक्षिति दुल्हन-सी शरमाई है शीश मुकुट मंजुल सुमनों का मृदुल हास ले मुसकाई है ।।पोर-पोर शृंगार सुशोभितसुरबाला कोई आई हैमुग्ध घटाए बहकी बहकीघट भर सुषमा छलकाई है।।शाख़-शाख़ बजती शहनाई सौरभ  गंध उतर आई  हैमंद मलय मगन लहराएप...
Meena Bhardwaj
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                       नवनिर्माण की नींवऔर ऊसर सी जमीन परपूरी आब से इतरा रहे होकिसके प्रेम में हो गुलमोहरबड़े खिलखिला रहे होबिछड़े संगी साथीमन में खलिश तो रही होगीटूटी भावनाओं की किर्चेंतुम्हें चुभी जरूर हों...
 पोस्ट लेवल : कविताएँ
प्रतिभा सक्सेना
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6. .नन्ददास तुलसी से काशी में प्रायः ही भेंट करते रहते थे. 'कुछ दिन टिक  कर एक स्थान पर रहो दद्दू, आराम रहेगा और लिखने-पढ़ने में भी सुविधा रहेगी.' 'समाज की वास्तविक दशा को जाने बिना लिखना उद्देश्यपूर्ण कैसे हो सकता है नन्दू? तीर्थयात्रा करता ही इसलिय...
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--गुस्सा-प्यार और मनुहारआँखें कर देतीं इज़हार --नफरत-चाहत की भाषा काआँखों में संचित भण्डार--बिन काग़ज़ के, बिना क़लम केलिख देतीं सारे उद्गार--नहीं छिपाये छिपता सुख-दुखकरलो चाहे यत्न हजार--पावस लगती रात अमावसहो जातीं जब आँखें चार--नहीं जोत जिनकी आँखों मेंउनका ह...
अभिलाषा चौहान
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 पोस्ट लेवल : नवगीत
Yashoda Agrawal
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सादर अभिवादनआज का आगाजफिर से उलूकनामे के साथचलिए टॉस करते हैंऐसेमाहौल मेंकुछ कहनाजैसेना कहना हैसिक्काउछालने वालाबदलने वाला नहीं हैचित भी उसकीपट भी उसकीसिक्का भीउसी की तरह काअब रचनाओं पर एक नज़र...कान्हां तुम न आए ....आशा सक्सेनाकान्हां तुम  न आए मिलनेजमुना किन...
 पोस्ट लेवल : 640
parvej ahamad
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Netflix can now automatically download movies and TV shows for you. (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});  Netflix's savvy download include is growing your points of view with "downloads for you". Presently you can consequently download films...
 पोस्ट लेवल : news
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--आँखों की कोटर में,जब खारे आँसू आते हैं।अन्तस में उपजी पीड़ा की,पूरी कथा सुनाते हैं।।--धीर-वीर-गम्भीर इन्हें,चतुराई से पी लेते हैं,राज़ दबाकर सीने में,अपने लब को सी लेते हैं,पीड़ा को उपहार समझ,चुपचाप पीर सह जाते हैं।अन्तस में उपजी पीड़ा की,पूरी कथा सुनाते हैं।।--च...
 पोस्ट लेवल : गीत आँसू की कथा-व्यथा
Noopur Shandilya
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Remember the glowing street lamps ?Down the old lane in the nights ..When we studied in our homesSurrounded by reassuring comforts..In breaks we looked out of our windowsTo feel the cool breeze in the trees,Admiring the flower like street lightsBeaming like...
 पोस्ट लेवल : Notes In English