ब्लॉगसेतु

प्रतिभा सक्सेना
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 छोटे मियाँ सुभान अल्लाह. बचपन  में मेरा बेटा कुछ ज़्यादा ही अक्लमन्द था..बाल की खाल निकाल देता था. एक बार उसकी एक चप्पल कहीं इधर-उधर हो गई ,वह एक ही चपप्ल पहने खड़ा था.मैने देखा तो कहा अच्छा एक ही पहने हो दूसरी खो गई ? और हमलोग इधऱ-उधर डूंढने लगे.उस...
Yashoda Agrawal
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सादर अभिवादन2222021अगले वर्ष आज के दिनउपरोक्त संख्या  बदली हुई दिक्खेगीबकवास क्यों कर रही हूँ मैंअबअपने खेत में भीअपना हीअनाज उगानाजैसेकोई गुनाह होते जा रहा हैजिसे देखोजोर लगा कर पूछते हुऎजरा भीनहीं शरमा रहा है हड़ताल वदंगे किए जा रहा हैऔर फ्री मेलंगर खा...
 पोस्ट लेवल : 639
उमाशंकर  मिश्र
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उमाशंकर मिश्र दो सीरोलॉजिकल सर्वेक्षणों और मॉडल अनुमानों के अनुसार भारत की एक बड़ी आबादी में इस समय सार्स-सीओवी-2 वायरस के खिलाफ प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो चुकी है। हालांकि, मौजूदा प्रमाणों से पता चलता है कि एंटीबॉडिज की उपस्थिति के कारण बनने वाल...
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--जो मेरे मन को भायेगा,उस पर मैं कलम चलाऊँगा।दुर्गम-पथरीले पथ पर मैं,आगे को बढ़ता जाऊँगा।।--मैं कभी वक्र होकर घूमूँ,हो जाऊँ सरल-सपाट कहीं।मैं स्वतन्त्र हूँ, मैं स्वछन्द हूँ,मैं कोई चारण भाट नहीं।फरमाइश पर नहीं लिखूँगा,गीत न जबरन गाऊँगा।दुर्गम-पथरीले पथ पर मैं,...
jaikrishnarai tushar
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 प्रभु श्रीरामएक गीत आस्था काराम तुम्हारे निर्वासन को दुनिया राम कथा कहती हैराम तुम्हारेनिर्वासन कोदुनिया रामकथा कहती है ।इसकी पीड़ासरयू जानेअश्रु लिए युग-युग बहती है ।राम तुम्हारीचरण पादुका कितनी पूजनीय हो जाती,जोगन वस्त्रपहनकर के भीमाँ सीता दुनिया को भात...
Rajeev Upadhyay
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आज अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस है। मतलब अबतक की चली आ रही परंपरा के अनुसार एक इवेंट। सालगिरह टाइप का! यदि इसे इवेंटनुमा तरीक़े से देखा जाए तो बधाई तो बनती ही है। मतलब कुछ 'हार्दिक बधाई' या 'हार्दिक शुभकामना' जैसे परंपरागत परन्तु पॉप्युलर (शायद थोड़े प्रोग्रेसिव भी)...
 पोस्ट लेवल : Hindi Article
Noopur Shandilya
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विलक्षण है निस्संदेह आपकी बहुआयामी प्रतिभा ।किंतु क्या करें बताइए आपकी विद्वता का ?जिसके भार तले साधारण जन मनदबते चले जाते हैं ।धराशायी हो जाता है आत्मविश्वास इनका,तिनका-तिनका जोङाजो साहस जुटा कर ।लाभ क्या हुआ?यदि ज्ञान आपकाहमेशा आंखें त...
 पोस्ट लेवल : एक बात
Yashoda Agrawal
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सादर नमस्कारआज रविवारहम हैं पिटारा लेकरदेखिए क्या है....अंतःसलिला ....शान्तनु सान्यालमोह निद्रा सूखती नहीं, बहे जाती है,सीने के बहुत नीचे, अंतःसलिलाकी तरह, रेत के परतों परचाँदनी का रहता हैएकछत्र राज,साथी ...अनीता सैनीमैं तेरे बागों  की शोभादूर्वा बनकर बिछ जाऊँ...
 पोस्ट लेवल : 638
Basudeo Agarwal
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(1)लिछमी बाईसा री न्यारी नगरी है झाँसी,गद्दाराँ रै गलै री बणी थी जकी फाँसी।राणी सा रा ठाठ बाठ,गाताँ थकै नहीं भाट।सुण सुण फिरंग्याँ के चाल जाती खाँसी।।****(2)बाकी सब गढणियाँ गढ तो चित्तौडगढ़,उपज्या था वीर अठै एक से ही एक बढ।कुंभा री हो ललकार,साँगा री या तलवार,देशवासी...
Basudeo Agarwal
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(बीती जवानी)(1)जवानी में जोइरादे पत्थर सेमजबूत होते थे,,,वे अब अक्सरपुराने फर्नीचर सेचरमरा टूट जाते हैं।**(2)क्षणिका  (परेशानी)जो मेरी परेशानियों परहरदम हँसते थेपर अब मैंने जबपरेशानियों मेंहँसना सीख लिया हैवे ही मुझे अबदेख देखरो रहे हैं।**(3)क्षणिका (पहचान)आभा...