ब्लॉगसेतु

sanjiv verma salil
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लेख प्रेम गीत में संगीत चेतनासंजीव*साहित्य और संगीत की स्वतंत्र सत्ता और अस्तित्व असंदिग्ध है किन्तु दोनों के समन्वय और सम्मिलन से अलौकिक सौंदर्य सृष्टि-वृष्टि होती है जो मानव मन को सच्चिदानंद की अनुभूति और सत-शिव-सुन्दर की प्रतीति कराती है. साहित्य जिसमें सबक...
PRAVEEN GUPTA
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 ARVIND SINGHAL - अशोक सिंघल के भतीजे ने राम मंदिर के लिए दिए ११ करोड़ रूपये
Devendra Gehlod
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 पोस्ट लेवल : ghazal azad-kanpuri
Yashoda Agrawal
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सादर वन्देदेखते ही देखते फरवरी केअट्ठारह दिन निकल गए....और फरवरी होती भी छोटी है..आराम सेकहीं से भी निकल कर भाग जाती हैखैर शान्त सी रही फरवरी..आभार फरवरी कोतारीफ कर रही हूँ इसका मतलब ये नहींबचे हुए दिन में कहर ढ़ा दो...चलिए चलें रचनाओं की ओर..एक शानदार कहानीरिक्शे...
 पोस्ट लेवल : दिव्या 635
Devendra Gehlod
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 पोस्ट लेवल : zaheer-qureshi ghazal
Meena Bhardwaj
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                           कभी अनजाने कभी पहचानने सांझ- सकारेदृग बाट निहारेमेरे मोहक अभिलाषित से पल!आशा की बंदनवारेंमुक्त हृदय सेस्वागत मे तेरेबाँह पसारेमेरे मौन और मुखरित से पल!कभी नील...
अभिलाषा चौहान
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 पोस्ट लेवल : नवगीत
अनीता सैनी
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अनमनेपन काप्रकृति से अथाह प्रेमझलकता है उसकी आँखों से प्रेम में उठतीं  ज्वार-भाटे की लहरें किनारों को अपने होने का एहसास दिलाने का प्रयत्न बेजोड़पन से करती हैं  एहसास के छिंटों से भिगोती हैं जीवनजीवनवाटिका...
 पोस्ट लेवल : अनमनापन जीवन दर्शन
Mayank Bhardwaj
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Whatsapp online helpline number for all Problem, free online helpline number 7060830844 for all members, मेरा आज का यह आर्टिकल उन सभी लोगो के लिए है. जिन्हे किसी भी तरह की कोई परेशानी है. और उनको उनकी परेशानी का हल नहीं मिल रहा है. अपनी आज की इस पोस्ट के माध्य...
 पोस्ट लेवल : Online helpline number
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--बौराई गेहूँ की काया,फिर से अपने खेत में।सरसों ने पीताम्बर पाया,फिर से अपने खेत में।।--हरे-भरे हैं खेत-बाग-वन,पौधों पर छाया है यौवन,झड़बेरी ने 'रूप' दिखाया,फिर से अपने खेत में।।--नये पात पेड़ों पर आये,टेसू ने भी फूल खिलाये,भँवरा गुन-गुन करता आया,फिर से अपने ख...