ब्लॉगसेतु

रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : ग़ज़लें
रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : समीक्षा
रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : कला जगत कविता
जयन्ती प्रसाद शर्मा
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घड़ियां इंतज़ार कीलगती हैं पहाड़ सीपलकें होती हैं बोझिलआँखें सुर्खरूजैसे तप्त हों बुखार से।मनहो जाता है व्याकुलऔर तन आकुलहर आहट पर चौंक उठती हैआ गये सनम।आवारा बयार का झौंका होगाअथवा कोई श्वानखड़का गया दरवाजे केकिवाड़।न देख कर प्रिय को हुई मायूसखो गया दिल का चैनबढ़ गई बेक...
jafar airoli
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सुबह तक महती रही,मुझमेँ रात की रानी की तरह,मुझपे गुज़रना था जिसे जवानी की तरह..बहुत खुश थे जिससे पीछा छुड़ा के अमीर,याद रहा वो शख्श दादी की कहानी की तरह,एक शमा अकेले तूफ़ान से लड़ती रही,बुतो में खोजते रहे लिखा था जो पेशानी की तरह,मेरी बरबादियाँ कुछ काम तो जरूर आयीं,बच्...
sivind singh
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 पोस्ट लेवल : GOOD MORNING IN IMAGE
BAL SAJAG
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" बारिश "मौसम ने लिया रुख मोड़,जो शायद अब बरस पड़ेगी | ये काली घटाओं से,हल्की - हल्की जो बूंदें गिरी | जो पौधों में मचा रही हलचल,जो कुछ हंस रहे कुछ झूम रहे हैं | और कुछ आपस में बात कर रहे हैं | बहुत किया इंतज़ार इस बारिश का, बारिश में नहाने और मौज करने का | अब वह घड...
Ashish Shrivastava
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20 जुलाई 1969 को चंद्रमा पर पहली बार मानव के कदम पड़े। नासा के अभियान अपोलो-11 से नील आर्मस्ट्रॉन्ग, माइकल कॉलिन्स और एडविन एल्ड्रिन पहली बार चंद्रमा पर पहुंचे। मानव को चंद्रमा पर पहुंचाने की पहली कोशिश के तहत 16 जुलाई 1969 को अमेरिका के केप कैनेडी स्टेशन से अपोलो...
kuldeep thakur
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:न ठहरने की है मियाद का पतान जाने की इज़ाज़त जरुरी।ज्योति स्पर्श:हाय-तौबा मची जाने क्या-क्या ले जाएंगेछीना-झपटा बटोरा यहाँ, वहाँ भी पायेंगे।विभा रानीअधजल गगरी छलकत जायआखिर कब तक चलेगा ये सिलसिला   ? बिना सिर पैर के कुछ भी बको  ? लल्लन जी आये दिन&n...
 पोस्ट लेवल : 1864
Yashoda Agrawal
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वक़्त  ने   लिखे  अल्फ़ाज़,ज़िंदगी  की नज़्म  बन  गयी, सीने में दबा, साँसों ने लिया संभाल, अनुभवों  की  किताब  बन गयी  |होठों की मुस्कान, न भीगे  नम आँखों से,ख़ुशी का आवरण गढ़ गयी,शब्दों को सींचा स...
 पोस्ट लेवल : अनीता सैनी