ब्लॉगसेतु

sanjiv verma salil
0
सॉनेटशीत•पलट शीत फिर फिर है आती।सखी! चुनावी नेता जैसे।रँभा रहीं पगुराती भैंसे।।यह क्यों बे मौसम टर्राती।।कँपा रही है हाड़-माँस तक।छुड़ा रही छक्के, छक्का जड़।खड़ी द्वार पर, बन छक्का अड़।।जमी जा रही हाय श्वास तक।।सूरज ओढ़े मेघ रजाई।उषा नवेली नार सुहाई।रिसा रही वसुधा...
अनंत विजय
0
स्वाधीनता आंदोलन में कई ऐसी सेनानी रही हैं जिन्होंने स्वतंत्रता के पहले भी और देश के स्वतंत्र होने के बाद भी अपने कार्यों से भारतीय समाज को प्रभावित किया। ऐसी ही एक सेनानी हैं रमादेवी चौधरी। रमादेवी ने किशोरावस्था में ही अपने पति के साथ देश की स्वाधीनता का स्वप्न द...
Krishna Kumar Yadav
0
गणतंत्र दिवस परेड 2022 की सर्वश्रेष्ठ झांकियों और सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग टुकड़ियों के लिए परिणाम घोषित किए गए हैं. तीनों सेनाओं, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF), अन्य सहायक बलों और विभिन्न राज्यों एवं संघ शासित क्षेत्रों (यूटी) की झांकियों के मार्चिंग दलों के प्रद...
हर्षवर्धन त्रिपाठी
0
हर्ष वर्धन त्रिपाठी देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के चुनावी नतीजों पर सबकी निगाहें हैं। 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले एक वर्ष से अधिक समय तक चले कृषि क़ानून विरोधी आंदोलनों के बाद इन चुनावों को देखने का दृष्टिकोण एकदम ही अलग हो गया है। विपक्ष...
Mayank Bhardwaj
0
Welcome to My Latest Color Picker Software Article. अगर आप एक डिजाइनर है और आपको अपने डिजाइन के लिए Color Picker Software की तलाश कर रहे है तो मेरा आज का ये आर्टिकल आप लोगो के लिए ही है अपने आज के इस आर्टिकल के द्वारा में आप सभी को Best Free Color Picker...
 पोस्ट लेवल : Useful Software
sanjiv verma salil
0
मुक्तिकाखोली किताब।निकले गुलाब।।सुधियाँ अनेकलाए जनाब।।ऊँची उड़ान भरते उकाब।।है फटी जेबफिर भी नवाब।।छेड़ें न लोगओढ़ो नकाब।।दाने न चारदेते जुलाब।।थामो लगामपैरों रकाब।।***४-२-२०२२मुक्तिका•मुस्कुराने लगे।गीत गाने लगे।।भूल पाए नहींयाद आने लगे।।था भरोसा मगरगुल खिलान...
हर्षवर्धन त्रिपाठी
0
हर्ष वर्धन त्रिपाठी बजट से ठीक पहले टीवी चैनलों पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि बढ़ाने की ख़बरों का अनुमान अधिकतर रिपोर्टर और विश्लेषक करने लगे थे। 6000 रुपये से बढ़ाकर 10000 रुपये देने की बात कहते विश्लेषक बता रहे थे कि, पाँच राज्यों के विधानसभा चुनावों में...
sanjiv verma salil
0
नवगीत *बदल गए रे दिन घूरे के कैक्टस दरवाज़े पर शोभित तुलसी चौरा घर से बाहर पिज्जा गटक रहे कान्हा जू माखन से दूरी जग जाहिर गौरैया कौए न बैठते दुर्दिन पनघट-कंगूरे के मत पाने चाहे जो बोलो मत पाकर निज पत्ते खोलो सरकारी संपत्ति बेच दो जनगण-मन में नफरत घोलो लड़ा-भिड़ा खेती...
sanjiv verma salil
0
सॉनेटसुतवधु *सुतवधु आई, पर्व मन रहा।गूँज रही है शहनाई भी।ऋतु बसंत मनहर आई सी।। खुशियों का वातास तन रहा।। ऊषा प्रमुदित कर अगवानी।रश्मिरथी करता है स्वागत। नज़र उतारे विनत अनागत।।  शुभद सुखद हों मातु भवानी।।जाग्रत धूम्रित श्वास वेदिका।&nbs...
sanjiv verma salil
0
 स्मृतिशेष मातुश्री शांति देवी द्वारा लिखित वधु स्वागत गीत*द्वारे बहुरिया आई सुनत जननी उठ धाई...हरे-हरे अँगना गोबर लिपयो, अक्षत चौक पुराईआरती थाल सजाय सुमित्रा, कैकई दीप जलाईद्वारे बहुरिया आई सुनत जननी उठ धाई...परछन करें मातु कौशल्या, घंटा-शंख बजाईसु...
 पोस्ट लेवल : वधु स्वागत गीत